ओलावृष्टि से माधोगढ़ क्षेत्र तबाह: किसानों पर टूटा संकट, भारतीय किसान यूनियन ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
प्रशासनिक सर्वे के दौरान सही जानकारी दे किसान राजवीर सिंह जादौन
माधोगढ़ (जालौन)। साल भर से प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे जालौन जिले में एक बार फिर मौसम ने कहर बरपा दिया। शनिवार को अचानक बदले मौसम ने तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के रूप में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले के माधौगढ़, कुठौंद, और नदीगांव क्षेत्रों में भारी तबाही दर्ज की गई है।
खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। कई जगह फसलें जमीन पर गिरकर नष्ट हो गईं, जबकि कट चुकी फसलें भी बारिश में भीगकर खराब हो गईं। इस आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को गहरे संकट में डाल दिया है। जिले के किसान पहले ही बाढ़ और बेमौसम बारिश से खरीफ फसल में नुकसान झेल चुके थे। अब रबी की मुख्य फसल भी अतिवृष्टि और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। लगातार हो रही आपदाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, जिलाध्यक्ष द्विजेंद्र निरंजन और जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह गौर विजय भदौरिया चेयरमेन, ब्रजेश सिंह क्रय विक्रय अध्यक्ष , शिवबालक सिंह अन्य पदाधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर नुकसान का जायजा लिया।
किसान नेताओं ने कहा कि कई गांवों में फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और किसान आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि संगठन उनके साथ खड़ा है और उन्हें हर हाल में मुआवजा दिलाया जाएगा।यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल नुकसान का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी हो। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सर्वे में कोई भी किसान छूटे नहीं, चाहे वह बटाईदार हो या पट्टे पर खेती करने वाला।किसान नेताओं ने किसानों से अपील की कि वे प्रशासनिक सर्वे के दौरान सही जानकारी दें, ताकि उन्हें उचित राहत मिल सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर भी किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा।लगातार आपदाओं से जूझ रहे जालौन के किसानों के सामने अब जीविका का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में समय पर सर्वे और उचित मुआवजा ही उनकी राहत का एकमात्र सहारा है।

