रेल अधिकारियों की लापरवाही यात्रियों की जान खतरे में
महानगरी एक्सप्रेस में बड़े हादसे की संभावना बढ़ी
वी बी माणिक
वाराणसी एक अप्रैल २६ से मुंबई वाराणसी महानगरी एक्सप्रेस गाड़ी अब वाराणसी से बनारस तक बढ़ा दिए जाने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यह गाड़ी अब वाराणसी स्टेशन पर नहीं रुकती है यात्रियों को अभी तक पूरी जानकारी नहीं है यह गाड़ी बनारस से जब निकलने के बाद वाराणसी स्टेशन से पहले एक मोड़ पर धीमी हो जाती है तभी चलती गाड़ी में यात्री चढ़ने का प्रयास करते है और सामान लेकर नीचे गिर जाते है और जख्मी हो जाते है अभी तक किसी यात्री के मौत की घटना सामने नहीं आई है पर आने वाले दिनों में बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता यात्रियों की माँग है कि महानगरी एक्सप्रेस को ५ मिनट के लिए वाराणसी स्टेशन पर रोका जय ताकि अन्य जिले जौनपुर आजमगढ़ बलिया मऊ प्रतापगढ़ सोनभद्र से यात्री यह गाड़ी पकड़ने के लिए अपने परिवार के साथ आते है जिसमें छोटे बच्चे महिलाएं भी रहती है इसका ध्यान रेल अधिकारियों को होते हुए भी ये नालायकी करते है इनको शर्म भी नहीं आती कि किस काम का पगार लेते है यात्रियों की सुविधा के लिए इनको सरकार पगार देती है पर वही ये यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते है इनको तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए ये किस अधिकारी के आदेश पर वाराणसी स्टेशन पर गाड़ी के ठहराव को बंद किया गया है इसके लिए जवाबदार कौन है डीआरएम वाराणसी उत्तर रेलवे क्यों नहीं अपने अधीन अधिकारियों को निर्देश देते कि गाड़ी पहले से वाराणसी स्टेशन से चलती थी सभी यात्री जानते है कि सुबह १० बजे प्लेटफार्म नंबर ९ से मुंबई के लिए छूटती है उसी समय के अनुसार यात्री आते है अब एक अप्रैल से गाड़ी बनारस से छुटने लगी तो लोग परेशान हो गए अब देखना है कि रेल अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे या यात्रियों को मौत के मुँह में ढकेलते है

