अटल जी के नाम पर कोई योजना नहीं
मुंबई बृहन्मुंबई महानगर पालिका में इस वर्ष के मनपा चुनाव में पहली बार सत्ता हासिल हुई है चुनाव को दो महीने से ज्यादा हो गया पर आज तक किसी योजना पर अटल जी का नाम नहीं आया भी इनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बल साहब ठाकरे के नाम पर स्कूली बच्चों को चित्रकला प्रतियोगिता में पुरस्कार दिया और अन्य योजनाओं में ठाकरे का नाम डाल रहे है पर ये भाजपाई किसी भी योजना को लाने की तैयारी नहीं कर पाए राज्य में सत्ता भाजपा की है २६ नगर पालिका में भी सत्ता है फिर ये अपने पार्टी के संस्थापकों के नाम पर कोई भी कार्य नहीं किया क्या भाजपाई भी कांग्रेस की राह पर चल रहे है दिन पर दिन भाजपा के नेता अपने संस्कार को भूलते जा रहे है अन्य पार्टी से आए नेताओं को ज्यादा अहमियत पार्टी के वरिष्ठ नेता दे रहे है इस कारण से भी जमीनी कार्यकर्ता पार्टी से विमुख होते जा रहे हैं यह काफी गम्भीर विषय है जनता जो प्यार भाजपा को दे रही है ऐसा न हो कि आने वाले दिनों में कांग्रेसीयो जैसी हालत हो जय अटल बिहारी बाजपेई ने जब १९८० में भाजपा की नींव रखा था तब एक बड़ा सपना लेकर चले थे बाजपेई जी ने २३पार्टियों के साथ मिलकर सत्ता अर्जित किया था और साढ़े चार वर्ष तक केंद्र में सत्ता चलाया जो किसी भी राजनीतिक पार्टी की ताकत नहीं थी आज के समय का कोई भी नेता ऐसा नहीं कर पाएगा आजकल विपक्ष की हालत कितनी दुर्दैव स्थिति में है सभी पार्टियां सत्ता के लिए आपस में लड़ रही है कांग्रेस ने राजीव गांधी इंदिरा गांधी के नाम पर अनेकों योजनाएं चला रही है वहीं भाजपा अभी तक मुंबई और महाराष्ट्र में एक भी योजना नागरिकों के लिए नहीं चला पाई है क्या मुंबई महानगर में गरीबों के लिए कोई योजना चलाएगी

