नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9833326393 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें

Recent news

April 23, 2026

Right Media Samachar

Hindi News, हिन्दी समाचार, हिंदी न्यूज़, Latest Hindi News, Breaking News, Right Media Samachar

*“दिल्ली-एनसीआर में आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा, लखनऊ एटीएस ने धर दबोचा—हिंदू रक्षा दल कार्यालय और मॉल को उड़ाने की थी योजना”*

1 min read



*“रेकी, विदेशी संचालकों और डिजिटल धन लेन-देन का नेटवर्क उजागर—पिंकी भैया की पत्रकार वार्ता के बाद बयान से गरमाया माहौल”*

 

विशेष रिपोर्ट: रविंद्र आर्य

लखनऊ/गाजियाबाद

 

दिल्ली-एनसीआर में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते विफल कर दिया। सामने आई जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यालय और एक व्यस्त मॉल को निशाना बनाकर विस्फोट और आगजनी की योजना तैयार की गई थी। इस साजिश का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में दहशत फैलाना और बड़े स्तर पर जनहानि करना बताया जा रहा है।

 

जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पहले इन स्थानों की गहन रेकी की थी। उनके मोबाइल फ़ोन से वीडियो, चित्र और संदेश बरामद हुए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से स्थान, यातायात और आसपास की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर आगे भेजा गया था।

 

पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में 2 अप्रैल को मेरठ निवासी साकिब, अरबाब, लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित संचालकों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे थे।

 

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों को विभिन्न शहरों में इसी प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने के निर्देश मिले थे। मोबाइल में प्राप्त ध्वनि अभिलेख और संदेश इस पूरे नेटवर्क की गहराई और संगठित स्वरूप को उजागर करते हैं।

 

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि जब आरोपियों ने लक्षित स्थानों की जानकारी अपने संचालकों को भेजी, तो इसके बदले उन्हें लगभग 13 हजार रुपये त्वरित भुगतान प्रणाली के माध्यम से स्थानांतरित किए गए। यह धन लेन-देन इस बात की पुष्टि करता है कि साजिश के पीछे एक सक्रिय और संगठित तंत्र कार्यरत था।

 

*“मेरी रेकी क्यों हुई?”—पत्रकार वार्ता में प्रमुख का बयान*

 

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद आज हिंदू रक्षा दल के प्रमुख ने अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कई गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि उनकी सामाजिक गतिविधियों और अभियानों के कारण वे निशाने पर आए हैं।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मेरी हत्या की साज़िश—और साथ ही मेरे खिलाफ की गई रेकी—के पीछे मुख्य मकसद ये हैं: मुसलमानों को मुख्यधारा में लाना; पूर्व मुसलमानों के साथ सहयोग करना

“लव जिहादियों” को पकड़वाने में मदद करना; बांग्लादेश से आने वाले प्रवासियों और म्यांमार वर्मा के रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के सदस्यों पर पाबंदी लगाने की वकालत करना; और अवैध रूप से कब्ज़ाई गई जगहों, जैसे कि *मज़ारों* (दरगाहों) को वापस लेने की दिशा में काम करना। इसके अलावा, एक अहम मकसद यह भी रहा है कि “विपिन सिंह ड्रामा कंपनी” के ज़रिए नाटकों के माध्यम से—यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर—जिहादियों और *हलाला* की प्रथा को व्यापक मुस्लिम *उम्माह* (समुदाय) के सामने खुलकर बेनकाब किया जाए। और ऐसा क्यों न हो? मेरा मुख्य एजेंडा हिंदुओं में जागरूकता पैदा करने पर केंद्रित रहा है—खास तौर पर आत्मरक्षा और *सनातन धर्म* की रक्षा के मकसद से तलवारें बांटने के कार्यक्रम आयोजित करके—और उन हिंदू पुरुषों और मुस्लिम महिलाओं के बीच *सनातन* विवाह करवाने में मदद करना, जो दमनकारी घरेलू माहौल, धार्मिक कट्टरपंथ, या रिश्तेदारों, मौलवियों (*मौलाना*) और धार्मिक छात्रों (*तालिब्बे इल्म*) द्वारा उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। जो लोग इस्लामोफोबिया से पीड़ित हैं—खास तौर पर कट्टरपंथी *मौलवी*—वे सताई गई मुस्लिम महिलाओं के लिए *सनातन* विवाह करवाने में मेरी भूमिका से बेहद परेशान हैं; नतीजतन, वे मेरे खिलाफ रेकी करवाने के लिए हिंदू युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, और इस तरह जुटाई गई खुफिया जानकारी बाद में पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी सरगनाओं तक पहुंचाई जा रही है। मानवता के इन दुश्मनों से लड़ना मेरा कर्तव्य है—एक ऐसा कर्तव्य जिसे मैंने लगातार निभाया है; उदाहरण के लिए, वाल्मीकि समुदाय को उपहार के तौर पर एक सूअर भेंट करने की सलाह देकर। इस सलाह को देने का यह सीधा-सा काम—कि पवित्र सूअर की पूजा भगवान विष्णु के अवतार वामन अवतार: के रूप में तीनों लोकों की रक्षा के लिए गए रूप में की पूजा की है जाये— इसलिए मेरे खिलाफ की गई रेकी की कार्रवाइयों के पीछे मुख्य वजह ये रही है।

 

पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी रेकी करवाने के पीछे संगठित विरोधी तत्व सक्रिय हैं, जो उनके अभियानों से असहज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर सक्रिय हैं और इसी कारण उन्हें लक्ष्य बनाया जा रहा है।

 

*सामाजिक माध्यमों पर प्रतिक्रिया—समर्थन और प्रश्न दोनों*

 

घटना के सामने आने के बाद सामाजिक माध्यमों पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोग इसे सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता और सतर्कता का परिणाम बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे व्यापक सामाजिक और वैचारिक दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहे हैं।

 

“पिंकी भैया” की सामाजिक माध्यम टीम ने भी इस घटना को लेकर एक संदेश साझा किया, जिसमें संगठन की सक्रियता और भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इससे यह विषय और अधिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

 

*सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा*

 

यह मामला केवल एक आतंकी साजिश का खुलासा नहीं है, बल्कि यह आधुनिक युग में फैलते संगठित नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और आंतरिक सुरक्षा के समक्ष मौजूद चुनौतियों को भी उजागर करता है।

 

आतंकवाद निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता तथा समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े हमले को टाल दिया, जिससे अनेक निर्दोष लोगों का जीवन सुरक्षित रह सका।

 

साथ ही, यह आवश्यक है कि ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर जांच हो, विधि अपना कार्य करे और समाज में शांति, संतुलन तथा जागरूकता बनी रहे।

 

किसी भी प्रकार की उग्रता, कट्टरता या हिंसात्मक प्रवृत्ति समाज और rराष्ट्र—दोनों के लिए घातक सिद्ध होती है।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Right Menu Icon