मुंबई क्षेत्र में ‘शून्य जनहानि’ का लक्ष्य रखकर सभी एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश
1 min readमुंबई के 1700 किमी सड़कों का कंक्रीटीकरण पूरा; गड्ढों की मरम्मत पर होने वाला 80 प्रतिशत खर्च हुआ कम
उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई की मानसून-पूर्व तैयारियों की समीक्षा की
मुंबई और महानगर क्षेत्र में मानसून के दौरान ‘शून्य जनहानि’ का लक्ष्य रखते हुए सभी सरकारी एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। इस वर्ष मानसून में देरी होने के कारण आपदा प्रबंधन के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति की योजना बनाना भी आवश्यक है। नालों की सफाई के अलावा भूमिगत जल-संग्रह टंकियों (होल्डिंग पॉन्ड), भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाने तथा विज्ञापन होर्डिंग्स का संरचनात्मक ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तर्ज पर अपना आपदा प्रतिक्रिया दल तैयार करना चाहिए। साथ ही सभी प्रशासनिक विभागों को एक टीम के रूप में कार्य कर मुंबईवासियों को राहत प्रदान करनी चाहिए। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने दिए।
उन्होंने बताया कि मुंबई की 2000 किलोमीटर सड़कों में से 1700 किलोमीटर सड़कों का कंक्रीटीकरण पूरा हो चुका है, जिससे सड़क मरम्मत और गड्ढों की मरम्मत पर होने वाला लगभग 80 प्रतिशत खर्च कम हुआ है।
बृहन्मुंबई क्षेत्र में मानसून-पूर्व कार्यों की समीक्षा बैठक उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली। इस अवसर पर मुंबई की महापौर श्रीमती रितु तावडे, उपमहापौर श्री संजय घाडी, गटनेता श्री अमेय घोले, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे, उपमुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री असीम गुप्ता, प्रधान सचिव श्री नवीन सोना, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) श्री अभिजीत बांगर तथा अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, भारतीय मौसम विभाग, भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA), मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA), तथा बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम (BEST) के अधिकारी शामिल थे।
उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका और अन्य विभागों द्वारा की गई तैयारियां मुंबईवासियों को राहत देने में सहायक सिद्ध होंगी। जिन क्षेत्रों में नालों की सफाई का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, वहां इसे तत्काल पूरा किया जाए। मानसून में देरी के कारण एजेंसियों को अतिरिक्त तैयारी का समय मिला है। होल्डिंग पॉन्ड और फ्लड गेट पूरी तरह कार्यरत रखे जाएं। BEST और राज्य परिवहन (ST) को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की योजना तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेड़ गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए महानगरपालिका को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। रेलवे को रेल पटरियों के नीचे स्थित नालों की उचित सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए। झुग्गी बस्तियों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था से जलजनित रोगों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना केंद्रों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडार रखा जाना चाहिए। मेट्रो स्टेशनों पर जलभराव न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जाए।
उन्होंने कहा कि हर आपदा के समय NDRF, नौसेना, वायुसेना और सेना की महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। इन सभी एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए आपदा की स्थिति में मुंबईवासियों को राहत पहुंचाई जानी चाहिए।
महानगरपालिका द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, मुंबई में 125 वर्षामापक यंत्र स्थापित हैं। जून से सितंबर के बीच इस वर्ष 4.5 मीटर या उससे अधिक ज्वार आने के 24 दिन निर्धारित हैं। शहर में 934 स्थानों पर जल निकासी पंप लगाए गए हैं तथा 65 मिनी पंपिंग स्टेशन कार्यरत हैं। पंपिंग स्टेशनों की निगरानी के लिए इस वर्ष स्मार्ट पंप प्रबंधन प्रणाली शुरू की गई है, जिसका संचालन महानगरपालिका के नियंत्रण कक्ष से किया जाएगा।
इसके अलावा, मुंबई में 1000 ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवक, NDRF की 3 टीमें और नौसेना की 9 टीमें तैनात की गई हैं। यह जानकारी भी बैठक में महानगरपालिका की ओर से प्रस्तुत की गई।

