मनपा को बेचने की तैयारी कर रही अश्विनी भिडे
वी बी माणिक
मुंबई बृहन्मुंबई महानगर पालिका को बेचने के लिए जुगाड़ लगा रही है मनपा आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनपा कार्यालय पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है किसी भी नागरिक का काम नहीं हो रहा है भाजपा तेरे शासन में लुट मची है प्रशासन में फिर भी प्रशासन के किसी भी8 अधिकारी को भय नहीं है अधिकारी जम कर लुट रहे है जो जितना बड़ा चोर है उसको उतना बड़ा प्रशासन में पद दिया जाता है 2012 से शिवसेना और भाजपा की सत्ता है फिर भी मुंबई में कोई सुधार या परिवर्तन दिखाई नहीं पड़ रहा है इंजीनियरिंग विभाग पूरी तरह चोरों लुटेरों माफियाओ के चंगुल में खेल रहा है मुंबई के शहर और उपनगरों में अवैध निर्माण कार्य की भरमार है अभी तक किसी भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं किया जा रहा है सड़कों पर बड़े बड़े गढ्ढे पड़े है जिसको अभी तक बंद नहीं किया गया है जिसके लिए 7 करोड़ का टेंडर स्थायी समिति में पास किया है जिसमें अब बंदर बाँट किया जाएगा इसमें भी पार्टी नेताओं में पहले उठा पटक होगी तब तक बारिश शुरू हो जाएगी फिर भी गढ्ढे नहीं भरे जाएंगे तब शुरू होगा आरोप प्रत्यारोप का दौर इसमें भुगतेगी जनता ही करीब हजारों शिकायते आई है फिर भी मनपा में विराजमान लुटेरे अधिकारियों को कार्रवाई करने का समय नहीं है
मनपा अस्पतालों में चरित्रहीन डॉक्टरो की भरमार
वहीं दूसरी ओर मनपा के अस्पतालों में चरित्रहीन डाक्टरों की नियुक्ति और पदोन्नति की जा रही है जितने कामचोर और लुटेरे डॉक्टर है उनको अस्पतालों का इंचार्ज बनाया जा रहा है डॉक्टरों को फोन करने पर ये फोन तक नहीं उठाते है क्या कर रहे है उपयुक्त हेल्थ उघड़े जो इन डॉक्टरों को कंट्रोल नहीं कर पा रहे है प्राइवेट डॉक्टर अस्पतालों में अपनी सर्विस दे रहे है कुछ डॉक्टरों की डिग्री भी फर्जी बताई जा रही है और प्रश्नचिन्ह उठ रहा है कुछ के मुखिया तो डॉ चन्द्रकांत पवार बताए जाते जाते है ऐसा लगता है जैसे इन लुटेरों का रैकेट मनपा अस्पतालों में चल रहा है इनका मुखिया है अतिरिक्त आयुक्त बिपिन शर्मा जो पूरी तरह से निष्क्रिय है आज मनपा अस्पतालों की दुर्दशा पर तरस आता है जो फंड मनपा के अस्पतालों के पुनर्विकास के लिए आता है जो दवाओं के लिए पैसे आते है वह जाते किधर है किस किस के जेब में जाते है क्या अधिकारी इन पैसे से अपनी सेहत सुधार रहे है इसके अलावा पानी माफियाओं का कब्जा है जिस पर आज तक मनपा शासन और प्रशासन कुछ भी नहीं कर पा रहा है इन माफियाओं के आगे नत मस्तक हो गया है इस वर्ष बरसात भी विलंब से आएगा हर क्षेत्र में 25 प्रतिशत पानी की कटौती शुरू हो गयी है इससे भी नागरिकों में त्राहि त्राहि शुरू हो गयी है
लुट और झूठ पर निर्भर
एक भी अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी जोशी बिपिन शर्मा अविनाश ढांकने और बांगर हो ये सभी कार्य के योग्य नहीं है सभी मुफ़्त की पगार ले रहे है मनपा को नरक पालिका बनाकर रख दिया है पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो गयी है एक एक कनिष्ठ अभियंता दुय म अभियंता सहायक अभियंता और कार्यकारी अभियंता एक ही जगह पर पिछले 8 से दस वर्षों से पड़े है उनका तबादला करने की ताकत नगर अभियंता में नहीं है क्योंकि अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढांकने का आदेश है इस पर मनपा आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे अपने मुँह पर ताला लगा रखा है शर्म आती है कि प्रशासन में अब केवल कामचोर भ्रष्ट लापरवाह निष्क्रिय और कमीशन खोरों की ही नियुक्ति क्यों की जा रही है इसमें राज्य सरकार भी जिम्मेदार है पहली बार भाजपा को मनपा में सत्ता मिली है पर ये चलने में अयोग्य साबित हो रहे है क्योंकि भाजपा में योग्य नेताओं का अभाव है ये बाहर से नेता आयात करके उनको पदासीन कर रहे हैं


