भ्रष्टाचार और नशा के खिलाफ फ्लोरा फाउंडेशन द्वारा संकल्प तिरंगा यात्रा का आयोजन भ्रष्टाचार और नशा के खिलाफ निर्णायक जंग जरूरी: भवानजी
1 min readमुंबई: फ्लोरा फाउंडेशन संस्था ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को शाम 5 बजे वाकोला ब्रिज के पास, वाकोला मनपा शाला स्थित ज्ञान ज्योति शिक्षण मंडल के आनंद रात्रि विद्यालय में और 15 ऑगस्ट को सांताक्रूझ ज्यू चौपाटी छत्रपती शिवाजी महाराज के पुतळे के पास भ्रष्टाचार और नशा के खिलाफ एक संकल्प तिरंगा यात्रा का आयोजन किया है। इस तिरंगा यात्रा के आयोजक और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान विद्यालय के छात्र अपने हाथों में प्लेकार्ड लेकर भ्रष्टाचार और नशा के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा करेंगे।
इस दोनो कार्यक्रम में विद्यालय के ट्रस्टी और मुंबई टीडीएस के अध्यक्ष श् जनार्दन जंगले और फ्लोरा फाऊंडेशन NGO के अध्यक्ष अरुण सबनीस, कॉलेज के विद्यार्थी,स्टीट चिल्ड्रन्स, और अन्य संस्थाओके मान्यवर पदाधिकारी उपस्थित रहें।*
इस बारे में भवानजी ने बताया कि नशा एक दीमक की तरह है जो इंसान को पूरी तरीके से खोखला कर देता है। नशीली पदार्थों का सेवन करने से व्यक्ति अपनी संवेदनशीलता और स्मृति अस्थाई रूप से खो देता है। उसे होश नहीं रहता कि वह क्या कर रहा है? जिस कारण व्यक्ति नशे में गलत कार्य को अंजाम देता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में पाश्चात्य संस्कृति से नशे को नया रूप मिला है और इसके विशेष रूप इस प्रकार हैं गांजा, भांग, चरस, हेरोइन, शराब आदि।
उन्होंने कहा कि वैसे तो ज्यादातर लोग नशे को अपने दुख का साथी बना लेते हैं। जो तनाव, चिंता में होते हैं तो, आराम महसूस करने के लिए नशे का सेवन करते हैं। लेकिन यही नशा जो वे कुछ समय के दुख और तनाव को दूर करने के लिए सेवन करते हैं, वह जिंदगी भर का दुख बन जाता है। भले ही कोई भी व्यक्ति कुछ क्षण के आनंद पाने के लिए नशे का सेवन करता है लेकिन वह भूल जाता है कि यह नशा उसे जिंदगी भर दुख के खाई में धकेलने वाली है।
बता दें कि फ्लोरा फाउंडेशन संस्था स्ट्रीट चिल्ड्रेन के लिए काम करती है और भ्रष्टाचार और नशा के खिलाफ जोरदार अभियान चला रही है। पिछले एक हफ्ते के दौरान संस्था ने अनेक स्थानों पर “भ्रष्टाचार और नशे” के खिलाफ जुलूस निकाला तथा लोगों में इन कुप्रवृत्तियों के खिलाफ जागरूकता पैदा की।


