नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9833326393 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें

Recent news

July 21, 2026

Right Media Samachar

Hindi News, हिन्दी समाचार, हिंदी न्यूज़, Latest Hindi News, Breaking News, Right Media Samachar

शिक्षकों को SIR कार्य से मुक्त किया जाय : बाबूभाई भवानजी*

1 min read



 

 

*मुंबई, (सं.) एक तरफ नई शिक्षा प्रणाली आने के बाद से जहां शिक्षकों पर अध्ययन अध्यापन का बोझ बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ राज्यभर में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाए जाने से विद्यार्थियों का पठन पाठन बाधित हो रहा है। जिसके कारण मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मांग की है कि शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त किया जाए तथा उनकी जगह अन्य सरकारी विभागों,बेरोजगार शिक्षित युवाओं , कॉलेज के छात्रों को नियुक्त किया जाए। तथा उन सभी को अतिरिक्त मानधन दिया जाना चाहिए। भवानजी ने बताया कि घाटकोपर की एक बीमार शिक्षिका द्वारा चुनावी कार्य के अत्यधिक तनाव के कारण आत्महत्या का प्रयास हाल ही में किया गया। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। भवांनजी के अनुसार देश में नई शिक्षा प्रणाली लागू होने के बाद से शिक्षकों पर अध्ययन अध्यापन का बोझ बढ़ता जा रहा है। दूसरी खास बात यह है कि ज्ञान का दीपक जलाने वाला शिक्षक समाज हमेशा ही चुनावी ड्यूटी, जनगणना और अन्य सरकारी कार्य को बड़े ही मेहनत और लगन के साथ करता रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिक्षकों को आज भी बीएलओ की ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऐसे में स्कूली छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए शिक्षकों को SIR कार्य से मुक्त किया जाए।*

*हालांकि भवांनजी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए SIR अभियान महत्वपूर्ण है और इसमें सभी का सहयोग आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में सरकारी और एडेड स्कूल/ कॉलेज के शिक्षकों पर पहले से ही विद्यार्थियों की पढ़ाई समय पर पूरी कराने की बड़ी जिम्मेदारी है ऐसे में उन पर चुनावी कार्य का अतिरिक्त बोझ डालने से न केवल उनकी मानसिक और शारीरिक परेशानियां बढ़ रही हैं, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है*। *भवांनजी ने सुझाव दिया कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं, कोलेज के छात्रों , NGO,और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों को एसआईआर अभियान में अवसर दिया जाए जिससे कि और शिक्षकों को पढ़ाई छोड़ कर कोई*

*अतिरिक्त दबाव न डाला जाए, विद्यार्थीओ से खिलवाड़ बंद करे*

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Right Menu Icon