मुंबई के पूर्व डेप्युटी मेयर बाबूभाई भवानजी का सरकार से सवाल, अब हमें क्या करना चाहिए..?
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कल रात्र को करीब 8,30 बजे मुंबई के जुहू तारा 5 वा रोड पर ब जैन मंदिर परिसर में बहुत ही बुरी। घटना हुई जहा जैन पर्यूषण चल रहाथा है, उस समय सभी जैन मंदिरों के सामुदायिक भवन में प्रार्थनाएँ की जा रही हैं, जहाँ प्रार्थना के दौरान लाइटें बंद कर दी जाती हैं…
मंदिर मे विशेष धर्म की महिलाओं का एक समूह ने मंदिर के परिसर में प्रवेश किया और वहा उपस्थित महिलाओं का सामान चुराना शुरू कर दिया और महिलाओं की पिटाई की। साथ ही बुरी तरह दातो से काटने के साथ धका मुकी किया गया, जईसा पाकिस्तान,बांग्लादेश में हो रहा है , पोलिस ने उनमें से 2 आरोपी महिलाओ को रात 10-30 बजे गिरफ्तार किया था,
यह बेहद दुखद घटना है जो लगभग डकैती जैसी है… जिस दुस्साहस के साथ इन महिलाओं ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और चोरी और धका मुकी की यह चौंकाने जयेसी बरी घटना है,
ये सभी महिलाएं एक विषेष धर्म की थीं, जो अब इस तरह का खेल, खेल रही है। अब तो हमे मंदिरो, देरासर, स्थानक ,देवालय, बुद्ध विहार और अन्य धर्म स्थानको मे
स्वबचाव के लिए जूरो कराटे भी शिकाना पड़ेगा और धर्मरक्षा /आत्म रक्षा के लिए झासी की रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप बनना पड़ेगा …..? और इसके लिए जहा देवालय वहा विद्यालय संस्कार, धर्मरक्षा एवम स्वरक्षा का पाढ़ सिखना होगा
भारत त्योंवारो का देश है अब तो देश भर में हिंदू त्योहार आ रहे हैं, और अब जिस तरह से एक विशेष धर्म की महिलाएं खुले आम आतंक मचा रही है, हमे अब सभी जाति के हिंदुओं के लिए एक जुट होनेका समय आ गया है (जब जब हम बटें है :तब तब हम कटें है)

