गणपति उत्सव से लें आतंकवाद और गद्दारों से लड़ने की प्रेरणा :आठवले
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जाति, प्रांत का भेद भूलकर देश की रक्षा के लिए एकजुट हों: भवानजी
मुंबई: आरपीआई के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदासजी आठवले ने कहा है कि पहले जिस तरह से गणपति उत्सव का इस्तेमाल अंग्रेजों को भगाने के लिए किया गया था ठीक उसी तरह से आज गणपति उत्सव के माध्यम से आतंकवाद और देश के गद्दारोंसे लड़ने की प्रेरणा लेनी चाहिए। श्री आठवले कल दादर में वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी द्वारा गणेश भक्तों के स्वागत के लिए स्थापित पंडाल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी पार्टी से नहीं बल्कि देश के गद्दारों से है। मैं आतंकवाद और गद्दारों के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करने का आवाहन करता हूं। और इस में अभी को जुरना चाहीये, इसी उत्सवों ने स्वतंत्र सेनानी को एकत्रित किया था, इस दौरान पंडाल में खास गणेश भक्तो को आशीर्वाद देने योगाचार्य योगीराज युगपुरुष समाज कल्याणक, प.पू.स्वामी भारत भूषणजी, विधायक कालीदास कोलमबकर, विधायक प्रसाद लाड, RPI (A) राष्टीय युवा नेता जीत रामदास आठवले, RPI मुंबई अध्यक्ष सिद्धार्थ कसारे, RPI नेतागऊत्मसोनवने,RPI के मुंबई के युवा नेता सचिन मोहिते , भाजपा हॉकर्स यूनिट के महामंत्री जितेंद्र सालुखे, फुलोर फौदेशन के अध्यक्ष श्री अरुण सबनिश,नगर सेवक सुनील मोरे, भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्ता, जेसल कोठारी, आरपीआई और भाजपा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. गणेश भक्ततो वंदे मातरम्, भारत माता कि जय,जय श्रीराम, जय शिवजी जय भवानी, डॉक्टर बाबासाहेब अम्बेडकर का जय, जयकारा लगाते हुए “गर्व से कहो हम हिन्दू हैं” हम सब एक हैं,
इस अवसर पर बाबूभाई भवानजी ने कहा कि जब जब हम बंटे हैं तब तब हम कटे हैं। देश को मजबूत बनाने के लिए जाति , प्रांत का भेद भूलकर एकजुट होना होगा।
आठवले ने कहा कि हमें भारत मां की रक्षा के लिए समर्पित होना होगा। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी कीमत पर हम देश के गद्दारों को किसी भी कीमत पर हराना है। भगवान गणेश से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों को सद्बुद्धि दें कि वे भारत मां की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रधान मंत्री मोदीजी दलित , पिछड़े, सोसित, गरीब, आदिवासी जंगलवासी, मांगसवृ। महासियवर्ग मागस्वर्गीयओ की जिंदगी बहेतर करके बाबासाहेब आंबेडकर का सपनो को साकार करने मे रात दिन महेनत कर रहे हैं,
बता दें कि भवानजी का पंडाल अपनी नई नई थीम के कारण हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है। ऐसे मौकों के लिए भवानजी ने विषेश वीडियो सांग तैयार किया है। जब ये गीत बजाते हैं तो पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से सराबोर हो जाता है और सभी लोग इन गीतों की धुनों पर झूमने लगते हैं।
भवानजी का कहना है कि आजादी के आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक ने गणपति उत्सव के माध्यम से आंदोलन में जान फूंक दी थी और स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है का नारा दिया था। उसी प्रकार आज गणपति उत्सव के माध्यम से आतंकवाद और देश के भीतर बैठे गद्दारों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने की जरूरत है।

