बृहन्मुंबई महानगरपालिका
1 min readजनसंपर्क विभाग
दूषित जल आपूर्ति संबंधी शिकायतों का तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर निवारण करने के निर्देश
जल लीकेज (रिसाव) का पता लगाने हेतु विशेष दल तैनात करने के आदेश
अतिरिक्त महानगरपालिका
आयुक्त (प्रोजेक्ट) श्री अभिजीत बांगर ने जल अभियंता विभाग की एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि दूषित पानी की आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का तत्काल और सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। साथ ही, जल पाइपलाइन में होने वाले रिसाव को तुरंत ढूंढकर उसे ठीक करने के लिए आवश्यक स्थानों पर टीमों की तैनाती भी की जाए।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा मुंबई के नागरिकों को प्रतिदिन शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति की जाती है और इसके लिए विभिन्न स्तरों पर संस्था का सम्मान भी हुआ है। हालांकि, हाल ही में कुछ क्षेत्रों से जल आपूर्ति संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों का संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत समाधान किया जाना आवश्यक है। विशेष रूप से दूषित पानी की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र निवारण किया जाना चाहिए।
बैठक में श्री बांगर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कम पानी की आपूर्ति और कम दबाव की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे मामलों में अधिकारियों को तुरंत स्थल निरीक्षण करना चाहिए और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो तत्काल समाधान करना चाहिए। इसके अंतर्गत जल वितरण प्रणाली में सुधार, ‘जोनिंग’ व्यवस्था में बदलाव, पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, संरचनात्मक सुधार तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ‘बूस्टिंग’ जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जल आपूर्ति से संबंधित कार्यवाही की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी जाए और संभव हो तो उनके साथ संयुक्त निरीक्षण किया जाए, ताकि आवश्यक जानकारी सीधे प्राप्त हो सके।
दूषित पानी की शिकायतों पर चर्चा करते हुए श्री बांगर ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में अत्यधिक तत्परता (Extreme Urgency) आवश्यक है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए संबंधित अधिकारियों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि दूषित पानी के स्रोत का पता लगाने के लिए 24×7 निरंतर कार्रवाई की जाए। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए और प्रत्येक क्षेत्र (परिमंडल) में विशेष टीमें गठित की जाएं, ताकि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जल अभियंता विभाग के अंतर्गत जल आपूर्ति, निर्माण, नियोजन और रखरखाव से जुड़े सभी उपविभागों के बीच नियमित समन्वय और संवाद बनाए रखना आवश्यक है। इस समन्वय की जिम्मेदारी संबंधित जल अभियंता पर होगी।
यदि जल आपूर्ति परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। वहीं, यदि कोई अधिकारी जानबूझकर लापरवाही करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि जल्द ही जल आपूर्ति योजना की प्रभागवार समीक्षा की जाएगी। इस संदर्भ में सहायक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों का आकलन कर प्रस्तुतिकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई में विभिन्न एजेंसियों द्वारा सड़क विकास और अन्य कार्य बड़े पैमाने पर चल रहे हैं, जिनके कारण कई बार जल पाइपलाइन को स्थानांतरित करना पड़ता है या उन्हें नुकसान पहुंचता है, जिससे अस्थायी रूप से जल आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत या आवश्यकतानुसार नई पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन सभी कार्यों के दौरान जल अभियंता विभाग, महानगरपालिका के अन्य विभागों और संबंधित प्राधिकरणों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
यह विशेष समीक्षा बैठक महानगरपालिका मुख्यालय में गुरुवार शाम को आयोजित की गई थी, जिसमें उप आयुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) श्री पुरुषोत्तम माळवदे, जल अभियंता दिलीप पाटील सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

