बृहन्मुंबई महानगरपालिका
वीरमाता जिजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान और प्राणिसंग्रहालय में वैज्ञानिक पद्धति से वृक्ष छंटाई और वृक्ष गणना पर प्रशिक्षण शिविर
मानसून पूर्व कार्यों के तहत उद्यान विभाग की व्यवस्था तैयार
संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों की मानसून शुरू होने से पहले वैज्ञानिक पद्धति से छंटाई कैसे की जाए तथा वृक्ष गणना करते समय आधुनिक उपकरणों का उपयोग कैसे किया जाए, इस विषय पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के उद्यान विभाग की ओर से भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान और प्राणिसंग्रहालय के पेंग्विन कक्ष सभागार में आज (दिनांक 15 अप्रैल 2026) एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर उद्यान अधीक्षक श्री जितेंद्र परदेशी ने जानकारी दी कि अगले सप्ताह से वृक्ष गणना शुरू की जाएगी।
उप उद्यान अधीक्षक श्री साहेबराव गावित, सहायक उद्यान अधीक्षक श्री अविनाश यादव, वृक्ष विशेषज्ञ श्री विवेक राणे, श्री योगेश कुटे, उद्यान विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षु कर्मचारी तथा ठेकेदारों द्वारा नियुक्त उद्यान विशेषज्ञ इस शिविर में उपस्थित थे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा हर वर्ष मानसून से पहले मुंबई में खतरनाक पेड़ों की शाखाओं की छंटाई की जाती है। इन कार्यों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस वर्ष भी यह अभियान और अधिक व्यापक रूप में चलाया जा रहा है। साथ ही, मुंबई में कुल कितने पेड़ हैं, इसकी गणना भी विशेषज्ञों की मदद से की जाएगी।
श्री जितेंद्र परदेशी ने प्रशिक्षणार्थियों को वृक्ष छंटाई और वृक्ष गणना के बारे में जानकारी दी। सहायक उद्यान अधीक्षक श्री अविनाश यादव ने पेड़ों के आकार, मिट्टी की नमी, हवा की गति और निर्माण कार्यों के दौरान पेड़ों की सुरक्षा कैसे की जाए, इस पर मार्गदर्शन किया।
वृक्ष विशेषज्ञ श्री विवेक राणे ने वैज्ञानिक पद्धति से वृक्ष छंटाई करते समय उनकी स्थिति का मूल्यांकन कर प्रबंधन कैसे किया जाए, इस पर जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि पेड़ों के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्ति को होने वाले नुकसान को कैसे रोका जाए, बदलते मौसम में वृक्ष संरक्षण कैसे किया जाए और पेड़ों के स्वास्थ्य एवं आकार में सुधार के लिए क्या उपाय किए जाएं।
वृक्ष गणना कैसे की जाएगी, इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कैसे होगा तथा ड्रोन का इस कार्य में कैसे इस्तेमाल किया जाएगा, इस पर श्री योगेश कुटे ने प्रायोगिक प्रदर्शन के साथ प्रशिक्षण दिया।

