*सतबीर वर्मा ने राष्ट्रीय महासम्मेलन को बताया ऐतिहासिक अवसर, दिल्ली बैठक में समाज की एकजुटता पर जोर*
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*“सतबीर वर्मा बोले: राष्ट्रीय महासम्मेलन से बनेगी समाज की मजबूत पहचान”*
हरियाणा/हिसार (राजेश सलूजा) नामदेव रोहिल्ला टांक दर्जी समाज के प्रस्तावित राष्ट्रीय महासम्मेलन को लेकर दिल्ली के नजफगढ़ स्थित संत शिरोमणि नामदेव मंदिर, रोशन गार्डन में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के नवंबर-दिसंबर माह में दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर भव्य महासम्मेलन आयोजित करने की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पूर्व हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग (ओबीसी बोर्ड) के अध्यक्ष सतबीर वर्मा ने समाज की एकता, संगठन और राजनीतिक भागीदारी को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रस्तावित महासम्मेलन समाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने का ऐतिहासिक अवसर होगा। उन्होंने कहा कि समाज की संख्या बड़ी होने के बावजूद संगठन की कमी के कारण अपेक्षित पहचान नहीं मिल पाई है, जिसे यह महासम्मेलन दूर करेगा।
सतबीर वर्मा ने समाजबंधुओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर तन, मन और धन से इस अभियान में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महासम्मेलन आयोजित होने से समाज की आवाज राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचेगी और राजनीतिक भागीदारी को नई मजबूती मिलेगी।
रोहिल्ला टॉक क्षत्रिय महासभा दिल्ली के प्रधान दयानन्द रोहिल्ला ने कहा कि अब समाज को अपनी वास्तविक शक्ति पहचानने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह महासम्मेलन समाज के सम्मान, संगठन और भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा। उन्होंने समाज के लोगों से बिना किसी निमंत्रण की प्रतीक्षा किए स्वयं आगे बढ़कर तैयारी में भाग लेने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।
महासम्मेलन के संकल्पकर्ता ज्ञानी राम सरोहा ने बताया कि कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर का होगा और इसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि महासम्मेलन का आयोजन 1937 से पंजीकृत रोहिल्ला टॉक क्षत्रिय महासभा दिल्ली के बैनर तले किया जाएगा।
समाजसेवी डॉ. भानुमति गुजरिया ने कहा कि समाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीटिंग, जनसंपर्क अभियान और महिला नेतृत्व को आगे लाकर संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से छोटे-छोटे सहयोग के माध्यम से महासम्मेलन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में एडवोकेट सोहम प्रकाश वर्मा ने मंच संचालन करते हुए कहा कि महासम्मेलन की सफलता के लिए अनुशासित और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। हेमचंद रोहिल्ला ने जनगणना में एक समान पहचान अपनाने का सुझाव दिया, जबकि खेमचंद टेलर ने सामूहिक एकता को सफलता की कुंजी बताया।
सेवानिवृत्त इंजीनियर सुरेश रोहिल्ला ने जिम्मेदारियों को निष्ठा से निभाने का संकल्प जताया। कन्हैया लाल टेलर ने बताया कि नौ राज्यों के सदस्य महासम्मेलन से जुड़ चुके हैं। समाजसेवी सुशीला अपूर्वा ने महिला और युवा सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। संपादक अशोक नामदेव ने पारंपरिक निमंत्रण व्यवस्था और व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई।
बैठक में बृजमोहन नामदेव, अनीता रोहिल्ला, अनिल रोहिल्ला, धर्मवीर आर्य, भोपाल सिंह, करतार सिंह रोहिल्ला, अजीत रोहिल्ला सहित अनेक वक्ताओं ने महासम्मेलन को सामाजिक आंदोलन का रूप देने का सुझाव रखा। बैठक की अध्यक्षता रमेश पंवार ने की।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय महासम्मेलन को समाज की एकता, पहचान और भविष्य निर्माण का ऐतिहासिक आयोजन बनाया जाएगा तथा देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।


