सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में बृहन्मुंबई महानगरपालिका अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीक अपनाए मुंबईकरों की स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता, नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी
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मुंबई उपनगर जिला पालकमंत्री श्री आशिष शेलार के सार्वजनिक स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में निर्देश
मुंबईकरों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर नागरिकों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका को स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। समयानुकूल सुधारों के लिए कौन-कौन से बदलाव आवश्यक हैं, इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीक को अपनाया जाए। साथ ही महानगरपालिका अस्पतालों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और शौचालयों की वर्तमान स्थिति में तत्काल सुधार किया जाए। ये स्पष्ट निर्देश मुंबई उपनगर जिला पालकमंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने दिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में महानगरपालिका की स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान स्थिति और उसके आधुनिकीकरण के संबंध में समीक्षा बैठक आज (8 जून 2026) सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित की गई। बैठक में मुंबई उपनगर जिला पालकमंत्री एड. आशिष शेलार, सह-पालकमंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा तथा मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
इस अवसर पर विधायक श्री अमित साटम, विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, विधायक श्री योगेश सागर, विधायक श्रीमती मनीषा चौधरी, विधायक श्री संजय उपाध्याय, विधायक कैप्टन तमिल सेल्वन, महानगरपालिका सभागृह नेता श्री गणेश खणकर, स्थायी समिति अध्यक्ष श्री प्रभाकर शिंदे, सार्वजनिक स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष श्री हरीश भांदिर्गे, महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, सह पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. मनोज कुमार शर्मा, महानगरपालिका उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) श्री शरद उघड़े, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रमुख अस्पतालों के संचालक डॉ. शैलेश मोहिते, कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह तथा प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रकांत पवार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत में महानगरपालिका द्वारा वर्तमान में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी डिजिटल प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई।
बैठक में विभिन्न विधायकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, मरीजों को होने वाली समस्याओं, अस्पतालों के पुनर्विकास तथा अन्य प्रशासनिक चुनौतियों के संबंध में सुझाव और शिकायतें प्रस्तुत कीं।
पालकमंत्री श्री आशिष शेलार ने कहा कि महानगरपालिका को राज्य स्वास्थ्य विभाग और नगर विकास विभाग से संबंधित प्रशासनिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अगली बैठक आयोजित करनी चाहिए। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी पहलुओं का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। आवश्यक प्रशासनिक सुधारों का खाका भी तैयार किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वैश्विक और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए केवल वित्तीय प्रावधानों तक सीमित न रहकर आधुनिक चिकित्सा तकनीक (मेडिटेक) को अपनाने के लिए प्रयास किए जाएं।
महापौर श्रीमती रितू तावडे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। कोविड-19 काल में महानगरपालिका के लिए अनुबंध आधार पर सेवा देने वाले कर्मचारियों को एक विशेष नीति के तहत भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने सिद्धार्थ अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल सहित जिन अस्पतालों और दवाखानों के पुनर्विकास कार्य लंबित हैं, उन पर विशेष ध्यान देने तथा समस्याओं का युद्धस्तर पर समाधान करने के निर्देश दिए।
महापौर ने प्रमुख अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉटेज सुविधा उपलब्ध कराने, ‘जीरो प्रिस्क्रिप्शन सेवा’ शीघ्र शुरू करने, टाटा कैंसर अस्पताल के पास मरीजों के परिजनों के लिए कॉरिडोर विकसित करने, केईएम अस्पताल में एआरटी विभाग शुरू करने तथा वहां के संग्रहालय का नवीनीकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कूपर अस्पताल में ईएमएस वार्ड स्थापित करने, महानगरपालिका के अधीन पोस्टमार्टम सेंटर शुरू करने तथा सायन स्थित लोकमान्य तिलक महानगरपालिका अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) विकसित करने सहित कई अन्य निर्देश भी दिए गए।
महापौर ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष की तर्ज पर “महापौर चिकित्सा सहायता कक्ष” स्थापित करने तथा मरीजों की सहायता के लिए सरल और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने का भी सुझाव दिया।
विधायक श्री अमित साटम ने कहा कि मुंबईभर में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। डायलिसिस सुविधाओं का विस्तार किया जाए, “मधुमेह मुक्त मुंबई” अभियान शुरू किया जाए, प्रस्तावित कैंसर उपचार बेड समय पर शुरू किए जाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएं।
उन्होंने यह भी मांग की कि प्रत्येक अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के अनुरूप वित्तीय प्रावधान बढ़ाए जाएं।
श्री साटम ने कहा कि आने वाले वर्षों में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की स्वास्थ्य सेवाओं में लगभग 5,000 नए बिस्तर जुड़ने वाले हैं। इसलिए उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल और सहायक कर्मचारियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अभी से व्यापक मानव संसाधन योजना तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नर्सों, ओपीडी डॉक्टरों, सुरक्षा कर्मियों और मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों को संवेदनशीलता प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है, जिससे मरीजों को अधिक सहानुभूतिपूर्ण, सम्मानजनक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

