बृहन्मुंबई महानगरपालिका
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मुंबई जैसे महानगर को तेज़ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका के दैनिक कामकाज की गति बढ़ाई जाए तथा ई-ऑफिस और कागज़ रहित (पेपरलेस) कार्यप्रणाली पर विशेष जोर दिया जाए।
मुंबई के जल आपूर्ति से जुड़े सभी प्रकल्पों को समय पर पूरा करने के निर्देश बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त श्रीमती आश्विनी भिडे ने दिए हैं।
मुंबई जैसे बड़े शहर को बेहतर और तेज़ सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका के कार्यों में गति लाना आवश्यक है। इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग, ई-ऑफिस प्रणाली और पेपरलेस कामकाज को बढ़ावा देना जरूरी है। साथ ही, शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त जल आपूर्ति योजनाएँ तैयार की गई हैं, जिन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना चाहिए। इन परियोजनाओं की उचित योजना बनाकर उनका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, महानगरपालिका की लीज़ पर दी गई संपत्तियों के पुनर्विकास में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है।
आयुक्त श्रीमती आश्विनी भिडे ने दिनांक 3 अप्रैल 2026 को विभिन्न विभागों की समीक्षा की, जिसमें संपत्ति, वित्त, जल आपूर्ति और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग शामिल थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को कम समय में अधिक प्रभावी और बेहतर सेवाएँ कैसे प्रदान की जा सकती हैं।
ई-ऑफिस, AI और एकीकृत नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म का होगा क्रियान्वयन
नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए महानगरपालिका सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी पहल कर रही है। इनका उद्देश्य कार्यक्षमता बढ़ाना, निर्णय प्रक्रिया को तेज़ करना और सेवा वितरण को बेहतर बनाना है। इसके लिए ई-ऑफिस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और एकीकृत नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म लागू किए जाएंगे।
न्यायालयीन मामलों के लिए एकीकृत कानूनी प्रबंधन प्रणाली (ILMS) को और मजबूत किया जाएगा। विभिन्न न्यायालयों की वेबसाइटों से नए मामलों की जानकारी स्वतः सिस्टम में जुड़ जाएगी।
अभी अलग-अलग सेवाओं के लिए कई व्हाट्सएप चैटबॉट चल रहे हैं, लेकिन अब एक एकीकृत चैटबॉट प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को सभी सेवाएँ, शिकायत पंजीकरण और आवेदन की स्थिति एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
इसके साथ ही, 3D GIS परियोजना का विस्तार किया जाएगा, जिससे शहरी नियोजन, बुनियादी ढांचा प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और संपत्ति निगरानी में मदद मिलेगी। AI तकनीक को विभिन्न डेटाबेस से जोड़कर प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और तेज़ निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाएगा।
जल आपूर्ति परियोजनाएँ समय पर पूरी करने के निर्देश
जल आपूर्ति विभाग के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अमर महल से परेल और अमर महल से ट्रॉम्बे तक के जल सुरंग (टनल) प्रकल्पों की जानकारी ली, जो अंतिम चरण में हैं। साथ ही, येवली से कशेळी और कशेळी से मुलुंड तक के नए प्रकल्पों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुंबई में कुलाबा, वर्ली, बांद्रा, वेसावे (वर्सोवा), मालाड, भांडुप और घाटकोपर में मलजल शोधन संयंत्र बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं को शीघ्र चालू करने पर जोर दिया गया।
भांडुप में एशिया के सबसे बड़े 2000 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल प्रकल्प को समय पर पूरा करने के लिए दिन-प्रतिदिन की योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, 400 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डीसैलिनेशन (समुद्री जल शुद्धिकरण) प्रकल्प को आवश्यक अनुमति लेकर समय पर पूरा करने और गारगाई प्रकल्प को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए वैकल्पिक और टिकाऊ जल स्रोतों के विकास पर भी जोर दिया गया।
लीज़ संपत्तियों के पुनर्विकास में तेजी
लीज़ पर दी गई संपत्तियों के पुनर्विकास से जुड़े कानूनी अड़चनों को दूर कर प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। उच्च न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों (PAP) के लिए आवास उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने और आवंटन प्रक्रिया को अधिक सरल व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय समीक्षा
आयुक्त ने 2026-27 के बजट, आय-व्यय, चल रही परियोजनाओं के दायित्व और वित्तीय प्रबंधन की भी विस्तृत समीक्षा की।
इस बैठक में अतिरिक्त आयुक्त श्री अभिजीत बांगर, डॉ. अविनाश ढाकणे, श्री संजोग कबरे, श्री प्रशांत गायकवाड, श्री पुरुषोत्तम मालवदे, श्री पृथ्वीराज चव्हाण, श्री अरुण जाधव, श्री नवनाथ घाडगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


