यूनेस्को की रचनात्मक फिल्म नगरी – मुंबई’ कार्यक्रम के उद्घटन अवसर पर मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे के उद्गार
1 min readमुंबई की फिल्म इंडस्ट्री को और अधिक रचनात्मक, समावेशी और प्रेरणादायी बनाने के लिए सभी को साझेदारी के साथ प्रयास करने चाहिए
मुंबई को यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ फिल्म’ के रूप में मिली मान्यता अत्यंत गर्व की बात है। इससे मुंबई की फिल्मी विरासत का गौरव तो हुआ ही है, साथ ही भारत और विश्व के सिनेमा प्रवाह को दिशा देने में मुंबई ने निभाई नेतृत्वकारी भूमिका को भी दृढ़ता से स्वीकार किया गया है। इस पहचान को और अधिक सशक्त बनाने तथा मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री को अधिक रचनात्मक, समावेशी और प्रेरणादायी बनाने के लिए सभी को साझेदारी के साथ प्रयास करने चाहिए। इन प्रयासों में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा, ऐसा प्रतिपादन मुंबई की महापौर रितू तावडे ने किया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका, UNESCO Creative Cities Network तथा National Gallery of Modern Art के संयुक्त तत्वावधान में ‘यूनेस्को की रचनात्मक फिल्म नगरी – मुंबई’ इस विशेष उपक्रम का आयोजन किया गया है। आज दिनांक 24 मई 2026 को सुबह मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे के हाथों इस उपक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वे संबोधित कर रही थीं।
दक्षिण मुंबई स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में आयोजित इस समारोह में अभिनेत्री श्रिया सचिन पिळगांवकर, Indian Motion Picture Producers Association के अध्यक्ष अभय सिन्हा, उपाध्यक्ष सुषमा शिरोमणी, बेलारूस के वाणिज्यदूत अलेक्झांडर मातसुकाव्ह, नगरसेविका हर्षिता नार्वेकर, नगरसेविका गौरवी शिवलकर, नगरसेविका रिटा मकवाना, फिल्म इतिहासकार और लेखक एस. एम. एम. औसज, फिल्म निर्माता रोहन सिप्पी, महानगरपालिका के व्यवसाय विकास विभाग की प्रमुख शशी बाला, उप प्रमुख सतीश रेवतकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए महापौर श्रीमती तावडे ने अपने भाषण में कहा कि ‘यूनेस्को की रचनात्मक फिल्म नगरी – मुंबई’ इस उपक्रम के माध्यम से मुंबई की सिनेमाई विरासत और भविष्य की संभावनाओं का अवलोकन किया जा रहा है। मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत उसकी सर्वसमावेशिता है। देश के हर हिस्से से आने वाले कलाकारों ने इस उद्योग को समृद्ध बनाया है। मुंबई का सिनेमा पूरे भारत का प्रतिबिंब है। फिल्म इंडस्ट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रचनात्मक और आर्थिक शक्ति भी है। पर्दे के पीछे कार्यरत असंख्य लोगों के योगदान से ही यह उद्योग खड़ा हुआ है, ऐसा महापौर ने कहा।
मुंबई केवल सपने नहीं दिखाती, बल्कि उन्हें पूरा करने का अवसर भी देती है। “वन सिटी – एंडलेस स्टोरीज़” मुंबई की विशेष पहचान है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की अर्थव्यवस्था में फिल्म उद्योग का बड़ा योगदान है। एनीमेशन, लघु फिल्में और डॉक्यूमेंट्री जैसे सभी क्षेत्रों ने भी फिल्म जगत को समृद्ध किया है। फिल्म इंडस्ट्री की विभिन्न धाराओं को एक साथ लाकर उन्हें दिशा देने और समृद्ध करने का कार्य मुंबई ने किया है। आगे भी मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली तरीके से पहुंचे, इसके लिए सभी को योगदान देना चाहिए, ऐसा आवाहन महापौर श्रीमती रितू तावडे ने किया।
बेलारूस के मुंबई स्थित वाणिज्यदूत श्री अलेक्झांडर मातसुकाव्ह ने कहा कि बेलारूस और भारत के बीच फिल्म क्षेत्र में भी घनिष्ठ संबंध हैं। बेलारूस के फिल्म महोत्सवों में भारतीय फिल्मों का नियमित प्रदर्शन होता है और उन्हें पुरस्कार भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं बचपन से भारतीय फिल्में देखते आए हैं और वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के अभिनय और नृत्य के बड़े प्रशंसक हैं। भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता आज पूरी दुनिया में बढ़ रही है और आगे भी बढ़ती रहेगी।
इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। व्यवसाय विकास विभाग की प्रमुख श्रीमती शशी बाला ने प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की उप-अभिरक्षक श्रुति दास ने आभार प्रदर्शन किया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा “मुंबई का गौरव समारोह – यूनेस्को की रचनात्मक फिल्म नगरी” इस उपक्रम का आयोजन राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में 22 मई से 31 मई 2026 तक किया गया है। राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की संचालक निधी चौधरी ने इस आयोजन में सहयोग प्रदान किया है।
मुंबई की रचनात्मक विरासत, समृद्ध फिल्म इतिहास और वैश्विक स्तर पर उसके योगदान का गौरव करने के उद्देश्य से यह उपक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ संवाद, चर्चित फिल्मों और एनीमेशन क्लासिक्स के विशेष प्रदर्शन, विशेष सत्र और कलात्मक प्रस्तुतियां शामिल हैं। यह कार्यक्रम सभी के लिए खुला है। फिल्म प्रेमियों और नागरिकों से इसमें सहभागी होकर लाभ उठाने की अपील की गई है।

