मुंबई को टीबी (क्षयरोग) से मुक्त करने के लिए शुरू किया गया ‘टीबीमुक्त मुंबई’ अभियान दुनिया के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेगा, ऐसा विश्वास महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने व्यक्त किया।
1 min read
माननीय राज्यपाल के हाथों ‘टीबीमुक्त मुंबई’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर धारावी स्थित लोकनेते श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र में टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय महानगर होने के बावजूद यहां टीबी मरीजों की संख्या काफी अधिक है। इस संक्रामक बीमारी को नियंत्रित करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि इसे जनआंदोलन बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ‘टीबीमुक्त मुंबई’ अभियान की शुरुआत की गई है। यदि मुंबई टीबीमुक्त होती है, तो यह पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श बनेगी, ऐसा आशावाद राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने व्यक्त किया।
महाराष्ट्र लोकभवन और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की संकल्पना से ‘टीबीमुक्त मुंबई’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ आज (26 मई 2026) धारावी स्थित लोकनेते श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र तथा शीव (सायन) स्थित लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर रितू तावडे ने की तथा उपमहापौर संजय घाडी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक डॉ. ज्योती गायकवाड, विधायक कॅप्टन आर. तमिल सेल्वन, विधायक सुनील शिंदे, शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर, सार्वजनिक स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे, बाजार एवं उद्यान समिति उपाध्यक्ष भास्कर शेट्टी, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, राज्यपाल के सचिव प्रशांत नारनवरे, उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे, संचालक (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रमुख अस्पताल) डॉ. शैलेश मोहिते, कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह, स्वास्थ्य अधिकारी, आशा सेविकाएं और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना से शुरू किए गए ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान’ से प्रेरणा लेकर मुंबई में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा का एक व्यापक आंदोलन बनना चाहिए। मुंबई की घनी आबादी और सार्वजनिक परिवहन पर अधिक दबाव के कारण टीबी जैसे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जनजागरूकता और समय पर जांच अत्यंत आवश्यक है। यदि मुंबई टीबीमुक्त हो जाती है, तो यह केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बनेगी।
उन्होंने आगे कहा कि ‘शुभं करोति कल्याणम्’ श्लोक में स्वास्थ्य को धन से भी अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है। विकसित भारत का अर्थ है स्वस्थ भारत। स्वस्थ महाराष्ट्र और स्वस्थ मुंबई ही मजबूत भारत की नींव है। यदि मुंबई टीबीमुक्त होती है, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
महापौर रितू तावडे ने कहा कि ‘टीबीमुक्त मुंबई’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। मुंबई के सामने सबसे बड़ी चुनौती ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी (DRTB) की है। हमारे आसपास रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस बीमारी से जूझ रहा हो सकता है। जब तक संक्रमण की श्रृंखला नहीं टूटेगी, तब तक मुंबई खुलकर सांस नहीं ले पाएगी।
उन्होंने बताया कि टीबी नियंत्रण के लिए “जल्दी जांच और तत्काल मुफ्त उपचार” पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुंबई के सभी 24 वार्डों में ‘आयुष्यमान आरोग्य शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं, जहां अत्याधुनिक एआई सपोर्टेड हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इन मशीनों को सीधे बस्तियों और लोगों के घरों तक ले जाकर कुछ ही सेकंड में छाती का एक्स-रे किया जा सकता है। डेटा, तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का यह संगम भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य का सफल मॉडल बनेगा।
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने अपने प्रास्ताविक में कहा कि टीबीमुक्त मुंबई जनआंदोलन प्रत्येक मुंबईकर के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए शुरू किया गया है। भारत के कुल टीबी मरीजों में लगभग 3 प्रतिशत मरीज मुंबई में हैं, जबकि मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) टीबी मरीजों की संख्या देश की तुलना में मुंबई में लगभग 8 प्रतिशत है। इसलिए मुंबई का टीबी उन्मूलन कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
स्वयंसेवी संस्थाओं का सम्मान
कार्यक्रम में ‘टीबीमुक्त मुंबई’ अभियान के लिए तैयार पुस्तिका का विमोचन राज्यपाल महोदय के हाथों किया गया। साथ ही राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में सहभागी स्वयंसेवी संस्थाओं का सम्मान भी किया गया।
टीबी मरीजों से संवाद
कार्यक्रम से पहले धारावी स्थित लोकनेते श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र में राज्यपाल, महापौर, उपमहापौर और अन्य मान्यवरों द्वारा टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित किए गए। अस्पताल को हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन भी भेंट की गई।
इस दौरान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने जिला क्षयरोग अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने 30 टीबी मरीजों को गोद भी लिया, जिसके लिए उन्हें ‘नि-क्षय मित्र’ के रूप में सम्मानित किया गया।

