महंगाई के खिलाफ गोरेगांव में शिवसेना का जोरदार एल्गार आंदोलन नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में आम जनता भी हुई शामिल
1 min readमुंबई (प्रतिनिधि): महंगाई के विरोध में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) द्वारा गोरेगांव (पश्चिम) में रोड से लेकर रत्ना होटल के समीप आयोजित एल्गार आंदोलन में नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए।
देश और राज्य में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी तथा सीएनजी गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से आम लोगों के घरेलू बजट पर गंभीर असर पड़ा है। वहीं आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं। इसी महंगाई के विरोध में शिवसेना ने सड़क पर उतरकर एल्गार आंदोलन छेड़ा। गुरुवार को हुए इस आंदोलन में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चूल्हा जलाकर आंदोलन की शुरुआत की। गैस सिलेंडर रखकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी की गई। साथ ही मोदी सरकार के विरोध में पोस्टर और बैनर लहराए गए तथा “मोदी सरकार हाय-हाय” के नारे लगाए गए।
शिवसेना विभाग क्रमांक 3 की ओर से आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व शिवसेना नेता एवं पूर्व उद्योग मंत्री सुभाष देसाई तथा विभाग प्रमुख एवं विधायक सुनील प्रभु ने किया। आंदोलन में विधायक अनंत (बाला) नर, विभाग संयोजक शालिनी सावंत, विभाग समन्वयक दीपक सुर्वे, विधानसभा प्रमुख विश्वनाथ सावंत, प्रशांत कदम, विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, नगरसेवक अंकित प्रभु, सुहास वाडकर, तुलशीराम शिंदे, जितेंद्र वलवी, कैलाशनाथ पाठक, नगरसेविकाएं लक्ष्मी भाटिया, योगिता कदम, पुष्पा कलंबे, लोणा रावत, शिवानी परब सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, शिवसैनिक, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैलगाड़ी से प्रदर्शन करने पर पुलिस ने जताई आपत्ति
महायुति सरकार के विरोध में आयोजित इस आंदोलन में शिवसेना के विभाग प्रमुख एवं विधायक सुनील प्रभु ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी से यात्रा कर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने हाथगाड़ी के साथ आंदोलन की शुरुआत की।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुनील प्रभु ने कहा कि आज आम आदमी महंगाई के चंगुल में फंस गया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को जल्द से जल्द वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो विभिन्न स्थानों पर और भी आंदोलन किए जाएंगे।

