स्वधर्मियों को ही मिले धर्मादा योजनाओं का लाभ: भवानजी
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मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने धर्मार्थ कार्य में लगे हिन्दुओं से अपील की है कि वे धर्मादा योजनाओं का लाभ स्वधर्मियों को ही प्रदान करें और यह सावधानी बरतें कि देश का नमक खाकर देश के साथ गद्दारी करने वालों को इन योजनाओं का लाभ न मिले।
आज एक बयान में भवानजी ने बताया कि विशेषधर्मियों का आतंक और संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, और नेता सत्ता के लिए उनकी सभी मांगों को पूरा कर रहे हैं, हम सरकार को मंदिरो से 80% पैसा मंदिरोंका लेने से तुरंत नहीं रोक सकते, लेकिन उस पैसे से विषेश धर्मिय मजबूत हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे 70% से अधिक मंदिरों , देवालयों,- भंडारे, सामाजिक दान, स्कूल, कॉलेज, सस्ते अस्पताल, चैरिटी अस्पतालों का लाभ ऊनलोग को मिलता है, जो लगातार हमें काफिर कहकर नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे खून पसीने का पैसा जो टेक्स के रूप मे सरकार के पास जमा होता है उससे चलने वाली सरकारी योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ विशेष धर्म के लोग लेने के बाद भी देश से गद्दारी करते रहते हैं*
उन्होंने कहा कि यदि हम एक काम करें, (जो कानूनी है) तो यह 70% प्रदूषण नियंत्रित हो जाता है, और वह पैसा हमारे अपने गरीब भाइयों की भलाई के लिए उपयोग किया जाता तो, सही मायने में यह पुण्य का काम होगा, अन्यथा बुरे लोगों की मदद करना पाप है… इसके लिए धर्मादा संस्था के दरवाजे के पास श्री गणेश की मूर्ति या फोटो रखें, उसके बगल में तिलक का सामान रखें, जो हमारे भगवान को प्रणाम करता है और तिलक करता है उसकी मदद करें।*
* भवानजी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता या सदस्य के रूप में किसी न किसी संगठन से जुड़े हैं फिर भी गरीबों को दान ,देना और विषेशधर्मियों की मदद करना बंद नहीं कर सकते…? जो लोग इतिहास से नहीं सीखते, वे स्वयं इतिहास बन जाते हैं, तो आइए हम अब मिलके इस नेक काम का श्री गणेश अपनी संस्था से करें ।

