साध्वियों का शस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम हिन्दुओं के लिए एक सबक: भवानजी
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मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने कहा है कि अपनी अस्मिता की रखा के लिए हिन्दुओं को शास्त्रों के साथ साथ शस्त्रों की शिक्षा भी लेनी होगी। तभी हमारी बहन बेटियां अराजक तत्वों से आसानी से निपट सकती हैं।
भवानजी ने आज दादर में आयोजित एक हिंदू जागरूकता अभियान में कहा कि हिंदू बहुत उदार होते हैं और वे जियो और जीने दो के सिद्धांत को मानते हैं। इसी का फायदा आक्रांताओं ने उठाया और उन्होंने शस्त्रों के बल पर आसानी से हिन्दुओं को गुलाम बना लिया।
उन्होंने कहा कि आगे ऐसी स्थिति पैदा न हो इसके लिए स्वयं को तथा अपनी बहन बेटियों को हथियारों का प्रशिक्षण देना होगा और उन्हें आत्मरक्षा के लिए तैयार होना होगा। ताकि आक्रांताओं को उचित जवाब दिया जा सके।
बाबुभाई भवानजी जो खुद जैन है उन्होंने आगे बताया कि गुजरात के सूरत शहर में मुस्लिमों के द्वारा जैन साध्वी के साथ छेड़खानी होने के बाद अहिंसा की पुजारी यह साध्वियाँ स्व-रक्षा के लिए तैयार हो रही है | और उन्होंने ठाना है कि *जो हिंदू अलग अलग जाति मे बिखरे हुए हैं उन्हें एकत्रित होकर विधर्मियों की देश विरोधी/ संविधान विरोधियों के विरोध में जनजागृति और उनको एक मंच पर लाने का काम हम सबको मिलके करना पड़ेगा । भवानजी ने बताया कि जो बात हमारी साध्वियाँ समझ गईं वह बात अब तक आम लोग क्यों नहीं समझ पा रहे हैं । *यह बात बात समझने में कहीं देर न हो जाए… ? फिर पछताना न पड़े।
उन्होंने कहा कि जैन साध्वियों का ये अभियान समस्त हिंदू धर्म की सभी जातियों को ये संदेश देता है कि देश के दुश्मनों से अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि सभी हिंदू जाति की महिलाओं को भी समय आने पर घर से बाहर निकलकर धर्म की रक्षा के लिए तैयार रहना पड़ेगा । इसके लिए जहां जहां देवालय/ बुद्ध विहार वहां विद्यालय कि स्थापना और उसमें संस्कार,देशभक्ति, स्किल और सेल्फडिफेंस की ट्रेनिंग और प्रशिक्षण देके शिवाजी , महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई , भगत सिंह जैसा बनने का जज़्बा पैदा किया जा रहा है ।

