वसई विरार में भारी बरसात के बाद दही हांडी में दिखी धूम!
1 min read
गोविंदा टीमों ने उत्साह से जीता इनाम
वसई : वसई-विरार में दही हांडी उत्सव बड़े उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया गया। वसई विरार के विभिन्न गांवों की विभिन्न परंपराएं,विभिन्न राजनीतिक दलों के आयोजक व नगर पालिका द्वारा बीमा कवर,पुरस्कार इस वर्ष के उत्सव की विशेषताएं थीं। दिन भर भारी बारिश के बावजूद गोविंदा टीमों का सलामी देने का उत्साह कम नहीं हुआ। वसई-विरार शहर सहित ग्रामीण इलाकों में दही हांडी उत्सव पारंपरिक तरीके से मनाया गया। कृष्ण भक्तों ने बुधवार की आधी रात को गांव के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में रात्रि जागरण कर रात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म मनाया। फिर गुरुवार दोपहर को सभी गोविंदा दस्ते बड़े उत्साह और उमंग के साथ रंग-बिरंगी टी-शर्ट पहने हर जगह नजर आए।वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने बाल श्रीकृष्ण का रूप धारण किया। वसई-विरार के कई निजी आवास परिसरों में भी दहीहंड्या स्थापित की गईं। कई जगहों पर सुबह से ही दही हांडी का सिलसिला शुरू हो गया था।उधर,वसई और विरार में कुछ जगहों पर रात 12 बजे श्री कृष्ण के जन्म का जश्न मनाने के बाद रात में ही दही हांडी फोड़ी गयी। गुरुवार को बविआ,शिवसेना,बीजेपी, एमएनएस जैसे विभिन्न राजनीतिक दलों ने वसई, नालासोपारा, विरार और ग्रामीण इलाकों में दही हांडी का आयोजन किया। खासकर भारी बारिश के कारण गोविंदा टीमों का उत्साह दोगुना हो गया,शाम ढलने के बाद विभिन्न समूह दही हांडी को सलामी देने के लिए एकत्र हुए।नगर पालिका ने बीमा कवर प्रदान करके गोविंदा को प्रोत्साहित किया, कई गोविंदा टीमें इसका लाभ उठाते हुए उत्साह के साथ त्योहार मनाती देखी गईं। वसई विरार शहर में कुल 180 सार्वजनिक दही हांडी और 1 हजार 41 निजी दही हांडी स्थापित किए गए। राजनीतिक दलों द्वारा कई सार्वजनिक दही हांड्या का आयोजन किया गया। इसमें हजारों-लाखों के इनाम रखे गए थे.लेकिन वसई के ग्रामीण इलाकों में गोविंदा बिना किसी बड़े इनाम के दही हांडी उत्सव में हिस्सा लेकर त्योहार का आनंद लेते नजर आए। हालांकि दिन में वरुणराज की मौजूदगी के कारण पानी की बर्बादी कम होती देखी गई। खास बात यह रही कि यह त्योहार फीका न हो इसके लिए पुलिस बल सही जगह पर तैनात किया गया था। इसलिए गुरुवार शाम 6 बजे तक पुलिस ने कहा कि कोई हादसा नहीं हुआ।

