बेसहारा बच्चों की देखभाल के लिए ‘तर्पण’ संस्था के साथ है सौहार्दपूर्ण समझौता -मंत्री स्मृति ईरानी
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मुंबई : कुछ बच्चे विभिन्न कारणों से अपने माता-पिता को खो देते हैं और बेसहारा हो जाते है ऐसे बच्चों को अनाथ कहना अनुचित है। हम सभी इन बच्चों के माता-पिता हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस संस्था के कार्य क्षेत्र का विस्तार करने के उद्देश्य से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘तर्पण’ संस्था के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा। ऐसा दिसंबर 12 को ‘तर्पण’ संस्था द्वारा प्रतिभा सम्मान पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान सभागार में किया गया। उस समय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ईरानी बोल रही थीं। इस अवसर पर ‘अनाथ अनुसंधान एवं विकास अकादमी केंद्र’ का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने किया। इस अवसर पर निराश्रित बच्चों को मोबाइल फोन और लैपटॉप भी वितरित किये गये। इस मौके पर तर्पण संस्था के अध्यक्ष विधायक श्रीकांत भारतीय, श्रेया भारतीय मौजूद रहे।
केन्द्रीय महिला एवं मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बेसहारा बच्चों का जीवन संघर्षमय है। यह सराहनीय है कि ‘तर्पण’ जैसी सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं इस संघर्ष को सहन करती हैं। स्वयंसेवी संस्थाएँ सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। उनमें से एक है ‘तर्पण’ संस्था है। इस संस्था का कार्य अनुकरणीय एवं सराहनीय है। इस संस्था की एक शाखा राजधानी नई दिल्ली में संचालित होनी चाहिए उन्होंने यह भी कहा। उन्होंने उपस्थित बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को मजबूत करने और सशक्त भारत बनाने के लिए रचनात्मक कार्य और योगदान जरूरी है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री पाटिल ने ‘तर्पण’ संस्था के अध्यक्ष भारतीय की प्रसंशा की।

