नागरिकों की शिकायतें प्रशासन के लिए कान और आंखों के समान; गंभीरता से संज्ञान लेकर समय पर समाधान को प्राथमिकता दी जाए : महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे
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निर्माण स्थलों पर कीटनाशक नियंत्रण के लिए व्यवस्था विकसित की जाए
सड़क किनारे की दुकानों और फूड गलियों में उत्पन्न होने वाले खाद्य कचरे के निपटान के लिए उपाययोजना करने के निर्देश
शहर विभाग के फोर्ट परिसर, स. का. पाटील उद्यान, नाना चौक परिसर तथा वरली स्थित पर्जन्य जल उदंचन केंद्र का तड़के निरीक्षण
नागरिकों द्वारा विभिन्न नागरिक सुविधाओं या समस्याओं को लेकर की जाने वाली शिकायतें प्रशासन के लिए कान और आंखों के समान होती हैं। इनसे प्रशासन को प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया (रेडी फीडबैक) प्राप्त होती है। इसलिए नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समय पर समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के लिए महानगरपालिका द्वारा शुरू किए गए ‘मार्ग’ (मैनेजमेंट एंड रिड्रेसल ऑफ ग्रिव्हियन्स) एप्लिकेशन का प्रभावी उपयोग किया जाए। निर्माण स्थलों पर कीटनाशक नियंत्रण की व्यवस्था विकसित की जाए। सड़क किनारे की दुकानों और फूड गलियों में उत्पन्न होने वाले खाद्य कचरे के उचित निपटान के लिए उपाय किए जाएं, ऐसे निर्देश महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने दिए।
श्रीमती अश्विनी भिडे ने आज (20 मई 2026) तड़के फोर्ट परिसर स्थित 74-मिंट मार्ग के कीटनाशक नियंत्रण चौकी का दौरा किया। यह मुंबई की सबसे पहली और लगभग 100 वर्ष पुरानी कीटनाशक नियंत्रण चौकी है। इसके बाद उन्होंने ‘ए’ विभाग के ए-2 सड़क मरम्मत एवं भंडार चौकी तथा मलनिस्सारण चौकी; ‘सी’ विभाग के कमलाबाई कन्या शाला मार्ग स्थित स. का. पाटील उद्यान के सड़क मरम्मत एवं भंडार चौकी और विद्यार्थी अभ्यासिका; ‘डी’ विभाग के नाना चौक परिसर और कीटनाशक चौकी; तथा ‘जी दक्षिण’ विभाग के वरली स्थित लव्हग्रोव्ह पर्जन्य जल उदंचन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान वे संबोधित कर रही थीं।
महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने कहा कि कीटनाशक नियंत्रण के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। सड़क किनारे की दुकानों और फूड गलियों में खाद्य कचरा बड़ी मात्रा में उत्पन्न होता है, जिससे चूहे, बिल्लियां और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। इसलिए इन स्थानों पर उत्पन्न होने वाले खाद्य कचरे के निपटान के लिए उचित उपाय किए जाएं। होटल और खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों को प्रेरित किया जाए कि वे खाद्य कचरा इधर-उधर न फेंकें, बल्कि उसे बैग में भरकर महानगरपालिका के कचरा संग्राहकों को सौंपें। साथ ही, मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए संबंधित बिल्डर या डेवलपर को निर्माण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था विकसित करने और कर्मचारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए जाएं।
श्रीमती भिडे ने आगे कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की ओर से हेल्पलाइन नंबर, सोशल मीडिया आदि माध्यमों से विभिन्न नागरिक सुविधाओं और समस्याओं को लेकर शिकायतें एवं सुझाव प्राप्त होते रहते हैं। ये शिकायतें और सुझाव प्रशासन के लिए कान और आंखों के समान हैं। इनके माध्यम से प्रशासन को वास्तविक प्रतिक्रिया मिलती है। इन शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लेकर उनका तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही, हेल्पलाइन नंबर, सोशल मीडिया आदि विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों के लिए महानगरपालिका द्वारा ‘मार्ग’ (मैनेजमेंट एंड रिड्रेसल ऑफ ग्रिव्हियन्स) नामक एकीकृत और समर्पित एप्लिकेशन शुरू किया गया है, जिसका सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी प्रभावी उपयोग करें। साथ ही, अपने दैनिक कार्यों में सक्रियता दिखाते हुए बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए प्रयास करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मानसून पूर्व पर्जन्य जल उदंचन केंद्रों की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं तथा जहां पानी भरने की संभावना हो, वहां पंपिंग सिस्टम सुचारू रूप से कार्यरत रहें।
इस दौरान श्रीमती भिडे ने कीटनाशक नियंत्रण में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न उपकरणों और उनके प्रदर्शन का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की। साथ ही, चूहा नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही विभिन्न उपाययोजनाओं, चौकी के समग्र कार्यों आदि की विस्तृत जानकारी ली तथा कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर और अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की।
इस अवसर पर उपायुक्त (परिमंडल 1) श्रीमती चंदा जाधव, उपायुक्त (परिमंडल 2) श्री प्रशांत सपकाळे, उपायुक्त (महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय) श्री प्रशांत गायकवाड, सहायक आयुक्त (सी विभाग) श्रीमती अलका ससाणे, सहायक आयुक्त (ए विभाग) श्री गजानन बेल्लाळे, सहायक आयुक्त (डी विभाग) श्री संतोष साळुंके सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
इस दौरान श्रीमती भिडे ने कीटनाशक, स्वच्छता और परिरक्षण विभाग के कर्मचारियों, कामगारों तथा नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं। उन्होंने स. का. पाटील उद्यान में आए नागरिकों और अध्ययन कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों से भी बातचीत की। साथ ही, डी विभाग की कीटनाशक चौकी पर कार्यरत उन कर्मचारियों और कामगारों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

