फतेहपुर में बड़ा लापरवाही कांड! तीन दिन तक बंदरों की लाशों वाला पानी पीते रहे ग्रामीण, चौथे दिन खुला मौत का राज!
फतेहपुर, उत्तर प्रदेश |
दसौली गांव, पोस्ट ललौली
फतेहपुर जिले के दसौली गांव में जलापूर्ति व्यवस्था की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
आरोप है कि गांव की पानी की टंकी में कई बंदर गिर गए, जिनमें कुछ की मौत हो गई जबकि कुछ जीवित अवस्था में टंकी के अंदर फंसे रहे।
हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण लगातार तीन दिनों तक उसी टंकी का पानी पीते रहे और किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ग्रामीणों के अनुसार चौथे दिन जब पानी से तेज दुर्गंध आने लगी तो लोगों को संदेह हुआ।
जांच करने पर टंकी के अंदर कई मृत बंदर और कुछ जीवित बंदर दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर गांव में हड़कंप मच गया। लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है क्योंकि कई परिवार पिछले तीन दिनों से इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पानी की टंकी की नियमित सफाई, निरीक्षण और रखरखाव किया जाता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। सवाल यह भी उठ रहा है कि टंकी का ढक्कन खुला कैसे था और बंदर अंदर कैसे पहुंच गए ❓
यह घटना जल विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
देश के अन्य हिस्सों में भी पानी की टंकियों में मृत बंदर मिलने और जल प्रदूषण के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें रखरखाव में लापरवाही को कारण माना गया था।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पानी के नमूनों की तत्काल जांच हो, प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तीन दिन तक गांव के लोगों को जहरीला और दूषित पानी पीने के लिए किसने मजबूर किया ❓
इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन है ❓
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती,
तब तक यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि जनता की सेहत के साथ किया गया बड़ा खिलवाड़ माना जाएगा।


