स्टॉप वर्क नोटिस और कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार के चलते फिर से शुरू हुआ अवैध गेस्ट हाउस निर्माण, तथाकथित पुलिस अधिकारी के नाम पर शिकायतकर्ताओं को धमकाने का आरोप,
1 min read
मुंबई :बृहन्मुंबई महानगरपालिका के एल विभाग अंतर्गत साकीनाका के सफेद पुल स्थित अहुजा टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज परिसर में अवैध व्यावसायिक गेस्ट हाउस निर्माण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मनपा द्वारा 17-02-25 में स्टॉप वर्क नोटिस व 20-02-2025 को स्पीकिंग नोटिस और कार्रवाई किए जाने के बावजूद अब उसी स्थान पर फिर से बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निर्माण शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार इस खुले भूखंड पर करीब 8000 स्क्वेयरफिट क्षेत्र में लगभग 37 कमरों का व्यावसायिक गेस्ट हाउस तैयार किया जा रहा है। आरोप है कि मनपा की कार्रवाई के बाद भी निर्माण कार्य दिन-रात जारी है और संबंधित निर्माणकर्ताओं को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है।
मामले से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में किसी तथाकथित पुलिस अधिकारी की भूमिका होने की चर्चा है। आरोप यह भी है कि उक्त अधिकारी के नाम का दुरुपयोग कर स्थानीय शिकायतकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज न उठाई जा सके।
स्थानीय शिकायतकर्ताओ का कहना है कि बिना वैध अनुमति के इतने बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गेस्ट हाउस निर्माण होने से मनपा के करोड़ों रुपये के महसूल का नुकसान हो रहा है। नियमों के अनुसार ऐसे व्यावसायिक निर्माण के लिए विभिन्न विभागों की मंजूरी, प्रीमियम, कर और अन्य शुल्क आवश्यक होते हैं, लेकिन अवैध तरीके से निर्माण कर मनपा के महसूल को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मनपा प्रशासन पहले ही इस निर्माण को अवैध घोषित कर चुका है और धारा 354(अ ) के तहत नोटिस जारी कर चुका है तो फिर दोबारा निर्माण शुरू कैसे हुआ। इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
अब स्थानीय शिकायतकर्ताओं, समाजसेवकों और पत्रकारों ने मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे मनपा उपायुक्त परिमंडल -5 संध्या नांदेडकर व मुंबई पोलिस आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माणकर्ताओं और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।


