बृहन्मुंबई महानगरपालिका

मुंबई मराठी ग्रंथसंग्रहालय की शाखाओं को अनुदान देने के लिए प्रतिबद्ध – महापौर श्रीमती रितू तावडे
मुंबई शहर ग्रंथोत्सव में महापौर ने ‘भारत का संविधान’ सहित विभिन्न पुस्तकों की खरीदी
दुर्लभ ग्रंथों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन परियोजना का किया निरीक्षण
“पठन संस्कृति को बनाए रखने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में पुस्तकालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुंबई मराठी ग्रंथसंग्रहालय द्वारा संचालित महानगरपालिका की शाखाओं के लंबित अनुदान को बढ़ाने के लिए मैं पूरी तरह सकारात्मक हूँ। इस मुद्दे का समाधान करने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ,” ऐसा आश्वासन मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे ने दिया।
दादर (पूर्व) स्थित मुंबई मराठी ग्रंथसंग्रहालय में आयोजित ‘मुंबई शहर ग्रंथोत्सव’ में महापौर श्रीमती रितू तावडे मुख्य अतिथि के रूप में कल (दिनांक 28 मार्च 2026) उपस्थित थीं। इस अवसर पर वे बोल रही थीं।
इस दौरान सार्वजनिक पुस्तकालय के उत्कृष्ट वरिष्ठ एवं बाल सदस्यों का महापौर श्रीमती रितू तावडे के हाथों प्रतीकात्मक सम्मान किया गया।
ग्रंथोत्सव में शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री संचालनालय के स्टॉल का दौरा कर महापौर ने ‘भारत का संविधान’ (संशोधित संस्करण 2025) यह ग्रंथ स्वयं खरीदा। उन्होंने सुझाव दिया कि यह अमूल्य ग्रंथ सभी नगरसेवकों के पास होना चाहिए और इसके लिए उचित योजना बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अलावा उन्होंने अन्य कई पुस्तकें भी खरीदीं।
संदर्भ विभाग में प्रदर्शित दुर्लभ हस्तलिखितों और पुस्तकों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। इतिहास की इस धरोहर को संरक्षित करना समय की आवश्यकता है, ऐसा उन्होंने कहा।
महाराष्ट्र शासन के निधि से चल रही ग्रंथसंग्रहालय की डिजिटाइजेशन परियोजना का महापौर ने विस्तार से निरीक्षण किया। दुर्लभ पुस्तकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से कैसे संरक्षित किया जाता है, इसकी स्कैनिंग प्रक्रिया की जानकारी उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से ली।
स्कूल और कॉलेज के छात्रों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखकर महापौर ने प्रसन्नता व्यक्त की और ग्रंथोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।
इस कार्यक्रम में मंच पर राज्य भाषा संचालक श्री अरुण गीते, जिला पुस्तकालय अधिकारी श्री शशिकांत काकड़, मुंबई मराठी ग्रंथसंग्रहालय के प्रमुख कार्यवाह श्री रवींद्र गावडे और कार्याध्यक्ष श्रीमती शीतल करदेकर उपस्थित थे। साथ ही ग्रंथपाल श्रीमती मिताली तरळ, श्रीमती उमा नाबर, श्री जयवंत गोलतकर, श्री विनायक परब सहित बड़ी संख्या में पाठक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
महाराष्ट्र शासन के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत, महाराष्ट्र राज्य ग्रंथालय संचालनालय, मुंबई शहर जिला पुस्तकालय अधिकारी कार्यालय तथा मुंबई मराठी ग्रंथसंग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में इस ग्रंथोत्सव का आयोजन किया गया।

