बढ़ती गर्मी के मद्देनज़र बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा पेड़ों की विशेष देखभाल
1 min read• सार्वजनिक स्थानों पर स्थित पेड़ों को टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है
• निजी परिसरों में स्थित पेड़ों के लिए हाउसिंग सोसायटियों से आगे आने की अपील
मुंबई महानगर में बढ़ते तापमान का वृक्ष संपदा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े तथा मुंबईकरों को हरियाली और ठंडक मिलती रहे, इस उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा पेड़ों को टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पेड़ों की जड़ों को पर्याप्त पानी न मिलने पर वे कमजोर हो जाती हैं और पेड़ों के उखड़कर गिरने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पेड़ों को जीवनदायिनी सहायता देने के लिए महानगरपालिका ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। इसके लिए पीने योग्य नहीं, लेकिन पेड़ों के लिए उपयोगी पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सार्वजनिक स्थानों पर स्थित पेड़ों को महानगरपालिका द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। वहीं निजी परिसरों में स्थित पेड़ों के लिए संबंधित हाउसिंग सोसायटियों से पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। अत्यधिक गर्मी के कारण जमीन में नमी कम हो जाती है और पेड़ों पर तनाव बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप पेड़ों की जड़ें कमजोर होकर जमीन पर उनकी पकड़ ढीली पड़ सकती है। साथ ही पेड़ों की शाखाएं सूखी और भुरभुरी होकर टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी पृष्ठभूमि में महानगरपालिका द्वारा पेड़ों को नियमित रूप से पानी देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
महानगरपालिका के घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा सड़क सफाई अभियान के दौरान पानी के टैंकरों से पेड़ों को पानी देने की शुरुआत की गई है। जी दक्षिण विभाग में केशवराव खाड्ये मार्ग तथा सांताक्रूज़ और जुहू क्षेत्र में स्वच्छता अभियान के साथ पेड़ों को पानी देने का विशेष अभियान चलाया गया है। उद्यान विभाग द्वारा भी मुंबई के विभिन्न इलाकों में पेड़ों की देखभाल, आवश्यक स्थानों पर पानी उपलब्ध कराना तथा पेड़ों के स्वास्थ्य की निगरानी का कार्य लगातार किया जा रहा है।
वृक्ष विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पानी मिलने से पेड़ों की आंतरिक जल वहन प्रक्रिया सुचारु रहती है और गर्मी से उत्पन्न तनाव कम होता है। इससे शाखाओं के सूखने, भुरभुरी होने या पेड़ों की स्थिरता कम होने जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। गर्मियों में पेड़ों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इसलिए मुंबईकरों से अपील की गई है कि वे अपने परिसर तथा हाउसिंग सोसायटियों के आसपास स्थित पेड़ों को समय-समय पर पानी दें।


