मुंबई के प्रवेश द्वार वाशी नाका और ऐरोली नाका पर खिलेगी हरियाली की सुंदरता!
1 min readविश्व पर्यावरण दिवस पर प्रतीकात्मक रूप से मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे करेंगी पौधारोपण
नाकों के दोनों ओर विकसित किए जाएंगे हरित क्षेत्र; पूर्वी द्रुतगति मार्ग पर पंतनगर से मुलुंड तक पीले अमलतास के वृक्ष लगाए जाएंगे
वाशी नाका और ऐरोली नाका में हरित क्षेत्र विकास के निरीक्षण के दौरान महापौर के निर्देश
मुंबई महानगर के प्रमुख प्रवेश मार्गों वाशी नाका और ऐरोली नाका क्षेत्रों को पर्यावरण अनुकूल तथा आकर्षक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी पहल की जाएगी। राजमार्ग के दोनों ओर हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी, जिसके तहत अनावश्यक झाड़ियों को हटाकर क्षेत्र की सफाई की जाएगी और सुनियोजित ढंग से वृक्षारोपण किया जाएगा। हरित पट्टियों को अधिक आकर्षक और मनोहारी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर फूलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पंतनगर से मुलुंड तक पूर्वी द्रुतगति मार्ग के खाड़ी किनारे स्थित क्षेत्रों में एन, एस और टी तीनों प्रशासनिक वार्डों की सीमा में पीले अमलतास (बहावा) के वृक्षों का विशेष रोपण अभियान चलाया जाएगा। यह निर्देश मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे ने दिए।
इस हरित क्षेत्र विकास अभियान का प्रतीकात्मक शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून 2026 को किया जाएगा। महापौर श्रीमती तावडे ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से मुंबई के प्रवेश मार्ग अधिक सुंदर बनेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे ने आज (1 जून 2026) वाशी नाका और ऐरोली नाका क्षेत्रों का दौरा कर हरित क्षेत्र विकास कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर एम-पूर्व विभाग की प्रभाग समिति अध्यक्ष श्रीमती खैरनुसा अकबर हुसैन, उपायुक्त (परिमंडल-5) श्रीमती संध्या नांदेडकर, उपायुक्त (परिमंडल-6) श्री संतोषकुमार धोंडे, विभागीय वन अधिकारी (मैंग्रोव प्रकोष्ठ) श्री दीपक खाडे, टी विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती योगिता कोल्हे, एम-पूर्व विभाग के कार्यकारी अभियंता तथा अतिरिक्त कार्यभार वाले सहायक आयुक्त श्री भास्कर कसगीकर, वन परिक्षेत्र अधिकारी (मैंग्रोव प्रकोष्ठ) श्री प्रशांत बहादुरे, उप उद्यान अधीक्षक श्री सुनील राठोड तथा पुल विभाग के कार्यकारी अभियंता श्री नामदेव रावकाळे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती रितू तावडे ने कहा कि वाशी नाका और ऐरोली नाका से प्रतिदिन हजारों वाहन और नागरिक मुंबई में प्रवेश करते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय दृष्टि से हरित विकास अत्यंत आवश्यक है। दोनों स्थानों पर राजमार्ग के दोनों ओर सुनियोजित हरित क्षेत्र विकसित कर सड़कों को अधिक सुंदर और पर्यावरण हितैषी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से धूल नियंत्रण में सहायता मिलेगी, वाहनों से होने वाले प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी तथा वायु गुणवत्ता में भी सुधार होगा। परियोजना के अंतर्गत राजमार्ग के किनारे उगी झाड़ियों, खरपतवार और अनावश्यक वनस्पतियों को हटाकर सुव्यवस्थित हरित पट्टियां बनाई जाएंगी। वृक्षारोपण में पिंक टैबेबुइया और पीले अमलतास जैसे आकर्षक फूलदार वृक्षों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन वृक्षों से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी और घनी हरियाली पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक होगी। साथ ही स्थानीय जैव विविधता को प्रोत्साहित करने वाली वनस्पतियों को भी शामिल किया जा सकता है।
ऐरोली नाका के निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि पंतनगर से मुलुंड तक पूर्वी द्रुतगति मार्ग के किनारे खाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध खाली स्थानों पर एन, एस और टी तीनों प्रशासनिक विभागों के माध्यम से पीले अमलतास के वृक्षों का विशेष रोपण किया जाए। खाड़ी किनारे विकसित होने वाला यह हरित पट्टा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मुंबई की सुंदरता में भी वृद्धि करेगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान से हरित आवरण बढ़ेगा, कार्बन अवशोषण को बढ़ावा मिलेगा, पक्षियों और अन्य जीवों के लिए अनुकूल आवास तैयार होंगे तथा नागरिकों को अधिक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त होगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 5 जून 2026 को इस अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत की जाएगी।
महापौर ने निर्देश दिया कि महानगरपालिका प्रशासन, अन्य संबंधित सरकारी विभागों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और पर्यावरण प्रेमियों की सहभागिता से वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ कर इसे जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि मुंबई के प्रवेश मार्गों का सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और “हरित मुंबई” की संकल्पना को मजबूत करने वाला यह अभियान भविष्य में मुंबई के लिए एक आदर्श और लाभदायक पहल सिद्ध हो सकता है। मुंबई के हरित विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।


