नितिन नवीन भाजपा राष्ट्रीय *अध्यक्ष,पांडवकालीन,वाल्मीकि, आश्रम,में राष्ट्रीय,महामंडलेश्वर
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नितिन नवीन भाजपा राष्ट्रीय *अध्यक्ष,पांडवकालीन,वाल्मीकि, आश्रम,में राष्ट्रीय,महामंडलेश्वर
स्वामी विवेक नाथ महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे
(राष्ट्रीय वाल्मीकि महामंडलेश्वर ने आश्रम की तरफ से नितिन नवीन, हर्ष मल्होत्रा, बांसुरी स्वराज सभी को अंग वस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया
नई दिल्ली 5 जून / प्राचीन पांडव कालीन वाल्मीकि आश्रम के पिठा घिश्वर, एवं वाल्मीकि राष्ट्रीय महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ महाराज के नेहरू पार्क चाणक्यपुरी आश्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री एवं नई दिल्ली की संसद बांसुरी स्वराज दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश साहब सिंह,कुलजीत सिंह चहल ,सिद्ध प्राचीन आश्रम में भगवान वाल्मीकि और राष्ट्रीय महामंडलेश्वर विवेक नाथ महाराज जी से आशीर्वाद लेने पहुंचे इस मौके पर सभी भाजपा नेताओं को अंग वस्त्र देकर उनका भव्य स्वागत किया इस मौके पर आश्रम से जुड़े तमाम सेवक बड़ी संख्या में वहां उपस्थित थे
जिसमें सर्वप्रथम रूपेश मेहरा अखिल भारतीय महर्षि वाल्मीकि साधु अखाड़ा परिषद के प्राचारि महंत गुरुजी राजू चंदेल, सेवक चंद्रपाल चंदेल, विजय वाल्मीकि, मनोज तंवर भीम सिंह ढाकोलिया
जाने-माने फिल्मकार सनोज मिश्रा
ज्योति, बडिवाल सीमा पवार, सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
इस मौके पर नेहरू पार्क में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा और तमाम भाजपा नेताओं ने वृक्षारोपण करते हुए पर्यावरण बचाने का संदेश दिया
इस मौके पर वाल्मीकि राष्ट्रीय महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ महाराज ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारा यह आश्रम आदिकाल से चल रहा है कितने हमारे धर्मगुरु इस आश्रम की सेवा करते आ रहे हैं यह आश्रम पांडव कालीन युग में प्रचलित हुआ जिस समय भगवान श्री कृष्णा पांडव ऑन के यज्ञ को संपन्न करने के लिए भगवान वाल्मीकि यहां तपस्या में लीन थे उनको ले जाने के लिए यह संपूर्ण करने के लिए यहां उपस्थित हुए यह दिव्या आश्रम बड़ा ही आलोकिक और शक्तिशाली है दिल्ली में जितने भी हैं वाल्मीकि मंदिर हैं मात्र यही एक सिद्ध आश्रम है जहां भगवान वाल्मीकि स्वयं प्रकट होकर तपस्या की थी और द्वापर युग में पांडवों का यज्ञ संपन्न करते हुए भगवान वाल्मीकि ने इस युग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जैसा कि आपको ज्ञात हो सनातन के रक्षक भगवान वाल्मीकि द्वारा रामायण ग्रंथ की रचना की गई जिस कारण से आज हम सभी जानते हैं कि आज अयोध्या में नवनिर्माण भगवान राम का मंदिर और उसके खिलाफ चल रहे न्याय को दिलाने के लिए न्यायालय में भगवान राम वाल्मीकि रामायण को साक्षी बनाकर पेश किया गया तभी आज इतना भव्य राम मंदिर अयोध्या में हम देखने को तरस गए थे जो आज हमारे समक्ष बनकर तैयार है तभी वहां की मौजूदा सरकार ने भगवान वाल्मीकि जी के सम्मान में भगवान वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नामांकन किया और आज भगवान वाल्मीकि का गुणगान तमाम सनातनी गुणगान रहे हैं क्योंकि असली रामायण भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य ही है
आपको बता देते हैं कि हमारे राष्ट्रीय वाल्मीकि महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ महाराज बड़े ही ज्ञानी और विद्वान धर्मगुरु है जिन्हें कई भाषाओं में भगवान वाल्मीकि जी की रामायण का ज्ञान है और हमेशा ही वह अपने भजनों द्वारा भी भगवान वाल्मीकि का मधुर गुणगान करते हैं वह वाल्मीकि समाज के एक महान धर्मगुरु हैं उनकी जीव पर हमेशा सरस्वती विराजमान रहती हैं

