यह आश्चर्यजनक और कई लोगों के लिए गंभीर चिंतन का विषय है कि तरुण खटीक और सूर्या चौहान हत्याकांड से जुड़े आरोपियों के परिवारों के कुछ लोगों के भी जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में शामिल होने की चर्चा हो रही है।*
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यह सत्य है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि ऐसे संवेदनशील मामलों से जुड़े लोग किसी राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन का हिस्सा क्यों बन रहे हैं। इससे आंदोलन की दिशा, उसमें शामिल लोगों की पृष्ठभूमि और उसके वास्तविक उद्देश्यों को लेकर भी बहस तेज हो सकती है। आम जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या ऐसे लोगों की मौजूदगी केवल संयोग है या इसके पीछे कोई व्यापक सामाजिक अथवा राजनीतिक संदेश छिपा है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तथ्यों और प्रमाणों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।”
जंतर-मंतर पर CJP के हालिया आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी और शिक्षा व रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे थे।
जिसमें उमर खालिद ओर शारजील इमाम के समर्थन में ट्रांसजेंडर से लेकर देश सनातन संस्कृति विरोधी तत्वों को CJP के मंच में देखा गया।

