मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के विस्तार से समय और ईंधन की बहुमूल्य बचत होगी – महापौर श्रीमती रितू तावडे महापौर श्रीमती रितू तावडे एवं उपमहापौर श्री संजय घाडी के करकमलों द्वारा मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के विस्तारित भाग का लोकार्पण
1 min read

स्वामी विवेकानंद मार्ग एवं आसपास के क्षेत्र में यातायात जाम से मिलेगी राहत
गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर का विस्तार कार्य पूर्ण हो चुका है और इसका विस्तारित भाग आज, 6 जून 2026 की शाम से नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। इस अवसर पर मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे ने कहा कि इस फ्लाईओवर के कारण पहले लगभग 45 मिनट लगने वाली यात्रा अब केवल 10 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी। यात्रा में बचा हुआ यह बहुमूल्य समय मुंबईकर अपने परिवार के साथ बिता सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फ्लाईओवर के विस्तार के साथ-साथ उसका संपूर्ण कायाकल्प भी हुआ है, जो संतोष का विषय है।
गोरेगांव (पश्चिम) में राम मंदिर मार्ग से रिलीफ रोड तक मृणालताई गोरे फ्लाईओवर का विस्तार किया गया है। इस विस्तारित हिस्से का लोकार्पण आज (6 जून 2026) महापौर श्रीमती रितू तावडे एवं उपमहापौर श्री संजय घाडी के हाथों संपन्न हुआ।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, विधायक श्री हारून खान एवं विधायक श्री अमित साटम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विपक्ष की नेता श्रीमती किशोरी पेडणेकर, सुधार समिति अध्यक्ष श्रीमती संध्या दोशी, पी दक्षिण प्रभाग समिति अध्यक्ष श्रीमती श्रीकला पिल्ले, विधि समिति अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा कारकर, स्थानीय नगरसेवक एवं नगरसेविकाएं तथा महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
महापौर श्रीमती रितू तावडे ने कहा कि “पानीवाली बाई” के नाम से प्रसिद्ध और मुंबईकरों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाली आदरणीय मृणालताई गोरे के नाम पर बने इस फ्लाईओवर का विस्तार नागरिकों की यात्रा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। विभिन्न कारणों और चुनौतियों के चलते यह परियोजना विलंबित हुई, लेकिन भविष्य में किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में निविदा अवधि (Tender Extension) या लागत वृद्धि (Variation) की अनुमति नहीं दी जाएगी और परियोजना को निर्धारित लागत में ही पूरा किया जाना चाहिए, ताकि करदाताओं के धन का अपव्यय न हो।
उपमहापौर श्री संजय घाडी ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विस्तारित फ्लाईओवर से यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की बचत होगी। शहर के विकास में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सीमेंट कंक्रीटीकरण परियोजना के माध्यम से मुंबई को गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराई जाएंगी।
विधायक श्री हारून खान ने कहा कि इस परियोजना से पश्चिमी उपनगरों की यातायात समस्या में राहत मिलेगी तथा दहिसर, लोखंडवाला और जोगेश्वरी जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रमुख जंक्शनों पर होने वाली भीड़भाड़ भी कम होगी।
विधायक श्री अमित साटम ने कहा कि इस वर्ष के मानसून में मुंबईकरों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर ने कहा कि यह नया विकल्प सड़क यातायात पर बढ़ते दबाव को कम करने में सहायक होगा।
विपक्ष की नेता श्रीमती किशोरी पेडणेकर ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन द्वारा फ्लाईओवर विस्तार कार्य पूरा किया जाना सराहनीय है।
फ्लाईओवर विस्तार परियोजना की प्रमुख जानकारी
मृणालताई गोरे फ्लाईओवर विस्तार परियोजना के अंतर्गत वालभट नदी पर स्थित पुराने पुल को तोड़कर उसका पुनर्निर्माण किया गया है। इसके साथ ही मौजूदा रेलवे फ्लाईओवर का एकीकरण तथा लगभग 450 मीटर लंबे (2+2 लेन) संपर्क मार्ग का उन्नयन भी किया गया है।
विस्तारित फ्लाईओवर की कुल लंबाई 750 मीटर तथा चौड़ाई 15.50 मीटर (2+2 लेन) है। इस विस्तार के बाद पश्चिमी द्रुतगति महामार्ग (गोरेगांव पूर्व) से रिलीफ रोड और अंधेरी (पश्चिम) की ओर जाने वाले मार्ग को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
परियोजना के कारण लगभग 30 मिनट का यात्रा समय घटकर 5 से 10 मिनट रह जाएगा। साथ ही स्वामी विवेकानंद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी।
घनी आबादी, अत्यधिक व्यस्त चौराहों और भारी यातायात के कारण यातायात पुलिस से अनुमति प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण था। स्थानीय नागरिकों के अनुरोध पर फ्लाईओवर के उतरने वाले हिस्से (Landing) में बदलाव करते हुए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (GAD) के अनुसार इसके संरेखण (Alignment) और लंबाई में संशोधन किया गया।
यह फ्लाईओवर वालभट नदी और ओशिवरा नदी के ऊपर से गुजरता है। दोनों स्थान सड़क के समतल स्तर (At Grade) पर स्थित हैं। इन दोनों नदियों पर स्थित पुराने पुलों को तोड़कर पुनर्निर्मित करते समय यातायात को जारी रखते हुए कार्य को तीन चरणों में पूरा किया गया।
इन सभी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका के पुल विभाग ने मृणालताई गोरे फ्लाईओवर का विस्तार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया है।

