मोदी डिग्री केस : अरविंद केजरीवाल की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पढ़ाई -लिखाई और डिग्री पर सवाल उठाने वाले अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका लगा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोदी डिग्री केस से जुड़े गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने निचली अदालत में पेशी से रोक नहीं लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने समन पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि मामला गुजरात हाईकोर्ट में लंबित है इसलिए हम इस मामले में दखल नहीं देंगे. हाईकोर्ट इस मामले में जल्द फैसला दे. जस्टिस संजीव खन्ना ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि आरोपी कठघरे में खड़े हों और अपनी बात कहें.
बता दें कि गुजरात यूनिवर्सिटी आपराधिक मानहानि केस में अरविंद केजरीवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस SVN भट्टी की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की. गुजरात हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था. केजरीवाल ने गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर उनके पुनरीक्षण के निपटाए जाने तक अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी. अरविंद केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि समन ऑर्डर सही नहीं था. सिंघवी – हमने समन ऑर्डर को सेशन में चुनौती दी थी इसी बीच निचली अदालत ने 31 अगस्त की तारीख सुनवाई के लिए तय कर दी.
मामला जाने
क़रीब सात साल पहले अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई लगाकर पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी मांगी थी. केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने डीयू और गुजरात यूनिवर्सिटी को आर्डर जारी करके मांगी गई जानकारी केजरीवाल को देने को कहा था.
इसके जवाब में गुजरात यूनिवर्सिटी ने बताया था कि मोदी ने डिस्टेंस एजूकेशन से एमए की डिग्री ली है. केजरीवाल ने डिग्री की कॉपी की भी मांगी. इसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ था. तो वहीं गुजरात यूनिवर्सिटी ने सीआईसी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी. हाईकोर्ट ने मोदी की डिग्री की कॉपी सौंपने के आदेश पर रोक लगा दी थी.
हाईकोर्ट के फैसले पर बोले थे केजरीवाल
गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया है. इसमें केजरीवाल ने लिखा है कि क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का ज़बरदस्त विरोध किया. क्यों? और उनकी डिग्री देखने की मांग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जायेगा? ये क्या हो रहा है? अनपढ़ या कम पढ़े लिखे पीएम देश के लिए बेहद ख़तरनाक हैं.
हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से संबंधित मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश को रद्द कर दिया था. इसके बाद गुजरात विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पटेल ने ‘आप’ के दो नेताओं की टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था. शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि दोनों नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन और ट्विटर हैंडल पर मोदी की डिग्री को लेकर विश्वविद्यालय को निशाना बनाते हुए “अपमानजनक” बयान दिए थे.
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात यूनिवर्सिटी की याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चार हफ्ते में 25 हजार रुपए की धनराशि गुजरात स्टेट लीगल सर्विसेस अथॉरिटी के पास में जमा कराएं.

