मुंबई से देहरादून तक एयरलाइन नौकरी के नाम पर झाँसा देने वाले 11 लोगों को मानखुर्द पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया ! पुलिस उपायुक्त. समीर शेख मिडीया से रूबरू !
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के . रवि ( दादा )
मुंबई : मुंबई के मानखुर्द पुलिस की जांच में सामने आया कि एयर इंडिया के नाम पर नौकरी दिलवाने का झाँसा देनेवाला यह पूरा गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था और उत्तराखंड के देहरादून में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यहीं से देशभर में बेरोजगार युवाओं को कॉल कर उन्हें एयरलाइन में आकर्षक नौकरी का लालच दिया करते थे ।
यह टीम बेरोजगार युवाओं से ठगी करती थी , जो उत्तराखंड के देहरादून से अपना रैकेट चला रहे थे ।
एयरलाइंस में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वाले इस संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ मुंबई के मानखुर्द पुलिस ने मुंबई पुलिस आयुक्त. देवेन भारती के एवं मानखुर्द इलाक़े के पुलिस उपायुक्त. समीर शेख के मार्गदर्शन में किया है।
यह गिरोह उत्तराखंड के देहरादून में एक हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर देशभर के युवाओं को निशाना बना रहा था।
पुलिस की कार्रवाई में इस रैकेट से जुड़े 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले की गहराई से जांच आगे भी जारी है।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब मुंबई के मानखुर्द पुलिस स्टेशन में एक महिला ज्योति ज्योति राऊत ने 27 फ़रवरी 2026 को एक पीड़िता के रुप में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ज्योति जीने शिकायत में बताया गया कि उसे ‘एयर इंडिया’ जैसी प्रतिष्ठित एयरलाइन में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर करीब 2.6 लाख रुपये की ठगी की गई ?
शिकायत मिलते ही मुंबई के मानखुर्द पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाना शुरू किया।
मानखुर्द पुलिस के जांच में सामने आया कि यह पूरा ठगों का गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था और उत्तराखंड के देहरादून में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। वे ठग यहीं से देशभर में बेरोजगार युवाओं को कॉल कर उन्हें एयरलाइन में आकर्षक नौकरी का लालच दिया करते थे । कॉल सेंटर में काम करने वाले आरोपी खुद को सरकारी भर्ती एजेंसी या एयरलाइन का अधिकारी बताकर बेरोज़गार , जरूरतमंद लोगों से पैसे वसूलते थे।
मुंबई के मानखुर्द पुलिस उपायुक्त समीर शेख के नेतृत्व और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बिलाल शेख के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम ने देहरादून में छापेमारी की। जिसमें पुलिस को एक हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ, जहां से पूरे देश में ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार उनमें लगुजरात, उत्तर प्रदेश और नागालैंड के निवासी शामिल हुए पाए गए । इनमें एक महिला अभीयुक्ता भी है। मानखुर्द पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि ठगी का नेटवर्क काफी संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने नागालैंड के कुछ शिक्षित युवाओं को भी काम पर रखा था, जिनकी अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ थी। इनका उपयोग विदेशी नागरिकों को भी टारगेट करने के लिए किया जाता था। इन सभी को मासिक वेतन पर रखा गया था और यह पूरा सिस्टम एक प्रोफेशनल कॉल सेंटर की तरह काम कर रहा था, लेकिन असल में यह एक ठगी का ही अड्डा था।
चाहे राजा हो या रंक पुलिस का काम ही है इश्क़ के बजाय मिलनेवाले हर शख़्स पर शक करना करना । उसी तर्ज़ पर मुंबई के इस मानखुर्द पुलिस को भी शक है कि इस गिरोह ने अब तक देश के कई राज्यों में सैकड़ों युवाओं को ठगी का शिकार बनाया है । फिलहाल मानखुर्द पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है और इस गिरोह ने कुल कितनी रकम लोगों से वसूली गई है।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी के पैसे किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।



