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April 16, 2026

Right Media Samachar

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तिरुपति प्रसादम मामले के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे सरकार: भवानजी

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मुंबई: तिरुपति मंदिर प्रसादम विवाद पर वरिष्ठ बीजेपी नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे सनातनियों के खिलाफ एक षड्यंत्र करार दिया और कहा कि भारत के सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की पूर्ण रूप से तैयारी की गई है।

भवानजी ने आंध्र प्रदेश सरकार से सख्त से सख्त कानून बनाने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा है कि दक्षिण भारत में तिरुपति बालाजी के प्रसाद में चर्बी के घी का लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया था। अगर यह जानकारी सत्य है, तो यह बहुत बड़ा अपराध है, निश्चित रूप से भारत के सनातनियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र किया गया है। इस प्रकार का कृत्य करके भारत के सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की पूर्ण रूप से तैयारी की गई है।

भवानजी ने कहा कि हम तो चाहेंगे कि वहां की सरकार सख्त से सख्त कानून बनाकर दोषियों को फांसी की सजा दे। अगर भगवान के प्रसाद में चर्बी का प्रयोग किया गया या मछली के तेल का प्रयोग किया गया है तो इससे बड़ा वर्तमान में भारत में कोई दूसरा दुर्भाग्य नहीं हो सकता है। भवानजी ने आगे कहा कि इस मामले की बारीकी से जांच होनी चाहिए और मैं सरकार से कहूंगा कि शीघ्र से शीघ्र हिंदुओं के मंदिरों को हिंदू बोर्ड के अधीन कर दें। ताकि किसी भी सनातनी की आस्था को ठेस ना पहुंचे, यह सुनकर के मेरा मन बहुती दुखी है। मैं चाहूंगा कि जितने भी तीर्थ स्थल हैं वहां पर बारीकी से सभी सनातनी जांच करवाए।

बता दें कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के लड्डूओं में फिश ऑयल और जानवरों की चर्बी मिलाने की पुष्टि हुई थी। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (NDDB) की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुपति मंदिर में लड्डुओं का प्रसाद तैयार किया जाता है, उसमें जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिला है। ये सब कुछ उस घी में मिला है,जिससे लड्डू तैयार किया जाता है।

तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट मामले पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग बागड़ा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि हिंदुओं की भावनाओं के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ जानबूझ कर और लंबे समय से किया जा रहा है। इससे पूरे हिंदू समाज में आक्रोश की लहर है। हिंदुओं की आस्था पर बार-बार हो रहे इस प्रकार के हमलों को हिंदू समाज अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। भगवान तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जिस प्रकार विभिन्न पशुओं का मांस मिलाया गया, यह अत्यंत घृणित एवं असहनीय कृत्य है।
विहिप ने कहा निष्पक्ष जांच हो
विहिप के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग बागड़ा ने निष्पक्ष जांच की वकालत की। उन्होंने आगे कहा विश्व हिंदू परिषद पुरजोर मांग करती है कि इस घटना की पूर्णतः निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। न केवल ऐसे घृणित कुकृत्यों पर रोक लगनी चाहिए, बल्कि जो व्यक्ति या अधिकारी ऐसा निर्णय लेने या करवाने के लिए जिम्मेदार है, उसके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए तथा उसे दंडित किया जाना चाहिए।

बजरंग बागड़ा ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद लंबे समय से मांग कर रही है कि हिंदू देवी-देवताओं और मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण नहीं होना चाहिए। उन्हें समाज के नियंत्रण में होना चाहिए और समाज द्वारा उनका प्रबंधन किया जाना चाहिए। मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण से राजनीति का प्रवेश होता है। वहां गैर-हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति से प्रसाद में मिलावट होती है इसलिए हम एक बार फिर मांग करते हैं कि हिंदू पूजा स्थल, मंदिर और तीर्थ स्थान सभी सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने चाहिए।

बजरंग बागड़ा ने मंदिरों की संपत्ति के दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया। कहा कि इसके अंतर्गत कई अन्य मुद्दे भी हैं जिनमें मंदिरों की संपत्ति का दुरुपयोग और अतिक्रमण किया जाता है। इनका उपयोग गैर-हिंदू उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है। तिरुपति मंदिर की घटना के बाद हमारी मांग और मजबूत हो गई है कि हिंदू मंदिरों से सरकारी नियंत्रण खत्म होना चाहिए।

प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने तिरुपति प्रसादम (लड्डू) में पशु चर्बी के कथित उपयोग पर हैरानी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर हमारा सबसे पवित्र मंदिर है। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी प्रशासन ने तिरुपति प्रसादम में घी की जगह पशु चर्बी का इस्तेमाल किया। वहीं, राज्य कांग्रेस प्रमुख वाईएस शर्मिला ने नायडू के दावे की पुष्टि के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की।

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