विधायक हितेंद्र ठाकुर ने मनपा आयुक्त अनिल कुमार पवार को बोले अपशब्द, दिए धमकी मचा बवाल!
शहर की कई पार्टियों ने विधायक हितेंद्र ठाकुर पर साधा निशाना
भाजपा नेता ने कहा वसई विधानसभा के विधायक हितेंद्र ठाकुर अपनी और अपने पदाधिकारियों की नाकामी की जिम्मेदारी मनपा आयुक्त और अधिकारियों के सिर पर डाला है ?
तीन साल के प्रशासकीय कार्यकाल का हिसाब मांगने से पहले 30 साल का हिसाब दो : मनोज बारोट
वसई : स्वंत्रत दिवस के मौके पर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निदर्शानुसार विविध कार्यक्रम एवं हर साल की भाती वसई विरार शहर महानगरपालिका द्वारा जनता दरबार का आयोजन किया गया था। इस दरम्यान वसई के विधायक और बहुजन विकास आघाड़ी के अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर अपनी और अपने पदाधिकारियों की नाकामी की जिम्मेदारी मनपा आयुक्त और अधिकारियों के सिर पर डाल उन्हे ऑफिस में घुसकर मारने की धमकी देते हुए जाहिर मंच से नजर आए। विधायक के इस बयान का जाहिर निषेध व्यक्त करते हुए भाजपा वसई विरार जिला उपाध्यक्ष मनोज बारोट ने बताया की 30 साल में तालुका की दुर्दशा के लिए स्वयं सत्ताधारी कितने जिम्मेदार है ? इसका विचार पहले विधायक करते तो शायद 3 साल के प्रशासकीय कार्यकाल का हिसाब मांगने की जुर्रत और अधिकारियों से ऐसा दुर्वैव्यार नही करते. लेकिन इसे भी दुर्भाग्यपूर्ण बात ये थी कि सभी अधिकारी बेइज्जत होते रहे लेकिन उपस्थित अधिकारीगण में से किसी ने भी हितेंद्र ठाकुर को सवाल पूछने की हिम्मत नही की की पानी की किल्लत, जलभराव, अवैध फेरीवाले, पार्किंग नो पार्किंग जोन, ट्रैफिक और वैधकीय आरोग्य जैसी अनेक समस्याएं वसई विरार शहर में “बिन बुलाए मेहमान” की तरह मौजूद हैं। इसी प्रकार आरक्षित जगहों पर अवैध निर्माण और फर्जी कागजों के आधार पर विरार शहर में ही हजारों परिवारों के साथ धोखागढ़ी पिछले 3 साल के प्रशासकीय कार्यकाल में हुई है क्या ? लेकिन किसी भी अधिकारी ने यह हिम्मत नही जुटाकर सत्ताधारियों के प्रति अपनी गुलामी मानसिकता का प्रमाण दिया है यह खेद व्यक्त करनेवाली बात है। इस लिए बारोट ने मनपा आयुक्त अनिल कुमार पवार को लिखित पत्र द्वारा याद दिलाते हुए मांग की है। यहीं नहीं बल्कि मनोज बारोट ने कहा हम सब ने मिलकर 9 अगस्त को “मेरी माटी मेरा देश” इस अभियान के तहत “पंचप्रण शपथ” ली है। बारोट ने कहा जिसमें दूसरी शपथ ये है की देश को गुलामी की मानसिकता से जड़मूल से उखाड़ फेंकना है। इसलिए यदि अधिकारियों ने यह शपथ दिल से ली है तो हितेंद्र ठाकुर के इस अभद्र व्यवहार के विरुद्ध जिस प्रकार पिछले वर्ष कुछ अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों पर अवैध फेरीवालों द्वारा हल्ले हो रहे थे, तब हाथो पर काली पट्टी बांधकर निषेध व्यक्त कर कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की थी। इसी प्रकार अपने खुद के एवं अधिकारियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए मनपा आयुक्त सहित सभी अधिकारी मुख्यालय के सामने इस घटना का निषेध व्यक्त कर पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग करे साथ में सत्ताधारियों के कार्यकाल में निर्माण हुई सभी समस्याओं का और अवैध निर्माणों का जवाब हितेंद्र ठाकुर से मांगे और तालुका की समस्याएं और दुर्दशा के लिए कौन है जिम्मेदार ? इस बात से नागरिकों को अवगत कराए। अन्यथा यह माना जायेगा की जिस प्रकार पिछले 30 साल से सत्ताधारी और मनपा अधिकारी मिलकर जनता को गुमराह करते आए है। इसी प्रकार स्वतंत्रता दिवस के पवित्र अवसर पर भी नागरीको को गुमराह करने का चुनावी ढोंग रचा गया था और इस खेल में मनपा अधिकारी भी शामिल थे ऐसा मनोज बारोट का मानना है। और ऐसा ढोंग रच के जनता को गुमराह करनेवाले गुंडा प्रवृति और गुलामी मानसिकता को भाजपा कतई सहन नही करेगी। इसलिए आयुक्त इस घटना की गंभीरता से दखल ले अन्यथा भाजपा गुंडा प्रवृति और गुलामी मानसिकता के विरोध तीव्र आंदोलन करेगी ऐसा इशारा बारोट ने अपने पत्र में किया है। बता दे कि आयुक्त को अपशब्द कहे जाने और धमकी दिए जाने पर वसई विरार शहर की अन्य कई पार्टियों के नेताओ ने भी विधायक हितेंद्र ठाकुर पर निशाना साधा हैं। इस समय मनपा आयुक्त और विधायक के चर्चा ने शहर में बवाल मचा रखा है।

