लिबर्टी टी कंपनी’ की आड़ में करोड़ों की धोखाधड़ी, मखानोजिया भाइयों के खिलाफ अदालती वारंट जारी समाज के हित में सख्त कार्रवाई की मांग: कब तक बचेंगे ये सफेदपोश ठग?
1 min readमुंबई / संवाददाता
व्यापार और निवेश के नाम पर मासूम कारोबारियों को अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले दो सफेदपोश अपराधियों इदरीस मखानोजिया और अम्मार उर्फ अमर मखानोजिया के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। ‘लिबर्टी टी कंपनी’ की आड़ में इन दोनों भाइयों ने सप्लायर्स, निवेशकों और व्यापार से जुड़े कई लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। जब लोग इनसे अपना पैसा वापस मांगते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं।
व्यापार जगत को चूना लगाने वाले इन शातिर ठगों के खिलाफ अब मुंबई, नवी मुंबई और अंधेरी कोर्ट में कई मामले लंबित हैं। लगातार मिल रही अदालती फटकार और वारंट के बावजूद ये दोनों भाई गिरफ्तारी से बच रहे हैं।
चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने सुनाई जेल और जुर्माने की सजा
नवी मुंबई (बेलापुर) कोर्ट द्वारा जारी ‘कन्विकशन वारंट’ के अनुसार, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
दोषी: इदरीश मखानोजिया, अमर मखानोजिया, मुजाहिद मखानोजिया और इमरान मखानोजिया।
सजा: माननीय 10वें संयुक्त सिविल जज (J.M.F.C. & C.J.J.D., बेलापुर, नवी मुंबई) ने इन्हें दोषी ठहराते हुए 3 महीने के साधारण कारावास (सादा कारावास) की सजा सुनाई है।
जुर्माना: कोर्ट ने इन पर ₹69,79,015/- (69 लाख 79 हजार 15 रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका है।
वारंट जारी: कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (सर जे. जे. मार्ग पुलिस थाना, मुंबई) को इन अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए सुपुर्दगी वारंट जारी किया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा हंटर: संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश
इतना ही नहीं, बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति अभय आहूजा की अदालत ने भी इनके खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। पन्नालाल मानिकलाल ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड बनाम लिबर्टी टी कंपनी (Interim Application No. 3275 of 2024) मामले में हाई कोर्ट ने कड़ा आदेश जारी किया है:
संपत्ति बेचने पर रोक: कोर्ट ने मखानोजिया भाइयों, उनके परिवार के सदस्यों और एजेंटों पर किसी भी तरह की चल-अचल संपत्ति (जैसे फ्लैट, दुकानें, गैरेज, जमीन और फिक्स एसेट्स) को बेचने या उसमें ‘थर्ड पार्टी राइट’ (तीसरे पक्ष का अधिकार) बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.
बैंक खाते और निवेश सीज: इनके सभी बैंक खाते, डीमैट खाते, शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर, प्रोविडेंट फंड और प्राइवेट पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में किए गए सभी निवेशों को तब तक के लिए फ्रीज/प्रतिबंधित कर दिया गया है, जब तक कि शिकायतकर्ता की पूरी रकम की वसूली नहीं हो जाती.
समाज के हित में सख्त कार्रवाई की मांग: कब तक बचेंगे ये सफेदपोश ठग?
व्यापारियों और समाज के हित में यह बेहद जरूरी है कि ऐसे आर्थिक अपराधियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए। ये मखानोजिया भाई कानून की नजरों से छिपकर लगातार गिरफ्तारी से बच रहे हैं। अगर पुलिस ने इन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा, तो ये समाज में और भी कई सीधे-साधे व्यापारियों और निवेशकों को अपनी ठगी का शिकार बनाते रहेंगे।
पीड़ित व्यापारियों ने कानून और मुंबई-नवी मुंबई पुलिस से गुहार लगाई है कि इन सफेदपोश अपराधियों को ढूंढ निकाला जाए और बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज को ऐसे जालसाजों से सुरक्षित रखा जा सके।



