मुंबई में AI और LiDAR तकनीक से स्मार्ट वृक्ष सर्वेक्षण पायलट परियोजना का शुभारंभ
1 min readमुंबई, प्रतिनिधि। मुंबई महानगरपालिका के एच/वेस्ट विभाग में वृक्ष संरक्षण और शहरी पर्यावरण प्रबंधन को नई दिशा देने वाली एक अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री Ashish Shelar तथा स्थानीय नागरिकों के हस्ते नारियल फोड़कर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और LiDAR तकनीक आधारित स्मार्ट वृक्ष सर्वेक्षण पायलट परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत सड़क किनारे स्थित वृक्षों का डिजिटल ट्विन (Digital Twin) तैयार किया जाएगा। आधुनिक तकनीक की सहायता से प्रत्येक वृक्ष के स्वास्थ्य, संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा स्तर, पर्यावरणीय योगदान तथा संभावित जोखिमों का वैज्ञानिक और सटीक मूल्यांकन किया जाएगा। इससे वृक्षों के संरक्षण, रखरखाव और आपदा प्रबंधन संबंधी निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल मुंबई में शहरी हरित संपदा के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI और LiDAR तकनीक के उपयोग से वृक्षों की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे वृक्षों की सुरक्षा के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि मुंबई में आधुनिक तकनीक के माध्यम से वृक्ष संरक्षण और शहरी पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह उपक्रम भारत में AI और LiDAR आधारित वृक्ष प्रबंधन का पहला व्यापक प्रयास माना जा रहा है। इस परियोजना के सफल होने पर भविष्य में इसे शहर के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मंत्री श्री आशीष शेलार के साथ श्री संजय पांडे (भाजपा ऊ.भा.मो.अध्यक्ष महाराष्ट्र), श्री दिनेश पल्लेवाड (सहायक आयुक्त, बीएमसी एच/वेस्ट विभाग), सौ. शशी बाला (व्यवसाय विकास प्रमुख, SMILE Council, BMC), श्री ज्ञानदेव मुंढे (उपअधीक्षक, उद्यान विभाग), सौ. स्वप्ना म्हात्रे (स्थानीय नगरसेविका, एच/वेस्ट विभाग), वैभव राजे, आर्यन पांडेय सहित बीएमसी उद्यान विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय से मुंबई को अधिक सुरक्षित, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में यह परियोजना एक मील का पत्थर साबित होगी।


