टैक्स देने वाली जनता अच्छी सड़को के लिए मोहताज!
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सड़कों की बिगड़ी दशा, जनता बेहाल!
जिम्मेदार कौन ?
नालासोपारा : वसई विरार शहर महानगर पालिका क्षेत्र में सड़को की दशा काफी बिगड़ गई है जिससे जनता बेहाल है। बता दे कि वसई विरार में टैक्स देने वाली जनता आज भी अच्छी सड़को की सुविधा का मोहताज है। देखा गया है कि सिर बरसात में ही सड़को की दशा नहीं बिगड़ी रहती है बल्कि हर साल में 04 से 05 बार सड़क मरम्मत होती है फिर भी उसकी दशा जस का तस बना रहता है। बताते चले कि वसई विरार शहर वर्तमान समय में गड्ढे में नजर आने लगा है जबकि इस साल शहर की मनपा जन समस्याओं से निपटने के लिए 2780 करोड़ का बजट दे चुकी है जिसमें शहर ने नागरिकों के बीच की कई असुविधाओं पर मनपा को कार्य करना है। इतना भारी बजट के बाद भी शहर में सुधार नहीं हो पा रहा है यह तो विचार योग्य की बात है। बता दे कि वसई विरार क्षेत्र के महामार्ग की हालत बहुत खराब हो चुकी है और शहर के अंदर भी सड़को की हालत काफी बिगड़ा हुआ दिखाई पड़ रहा है अब ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शहर के सड़कों की दुर्दशा पर जनता किसको जिम्मेदार ठहराए ? महाराष्ट्र सरकार को, शहर की मनपा को , मनपा के ठेकेदार को या फिर शहर के जनप्रतिनिधि को ? जबकि सड़क के बीच में जो गड्ढे देखने को मिल रहे है वह जानलेवा से कम नहीं है और दिन प्रतिदिन सड़क दुर्घटना भी देखने को मिल रहा है।
बता दे कि शहर मुख्य सड़क जो कि महामार्ग में जोड़ता है उसकी हालत बद से बदतर हो गई है, और ठेकेदारों द्वारा जो थोड़ा बहुत सड़क दुरुस्ती का काम किया जा रहा वह घटिया काम हो रहा है जिससे कुछ दिनों में ही सड़क फिर से दुर्दशा हालत में दिखने लगती है। वसई विरार शहर महानगर पालिका द्वारा करोड़ो का टेंडर ठेकेदारों को सड़क दुरुस्ती के लिए दिया जाता है लेकिन ठेकेदार किस प्रकार से कार्य कर रहे है उस पर मनपा के विभागीय अधिकारी नजर नहीं डालते है जिससे ठेकेदार मनमानी तरीके से कम लागत वाला काम कर के भ्रष्टाचार कर रहें है और उससे शहर की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दे कि नालासोपारा पूर्व सोपारा फाटा से स्टेशन तक की दूरी लगभग 7-8 किलोमीटर है वह दूरी तय करने में कभी कभी एक घंटे तक का समय चला जाता है जिससे वाहन चालकों के साथ साथ काम पर जाने वाले नागरिकों को भी भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं एंबुलेंस , दमकल की गाड़ी और अन्य अतिआवश्यक सेवा देने वाली वाहनों का जल्दी पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। जबकि मनपा के कार्यों को लेकर पिछले दिनों वसई विधानसभा के विधायक हितेंद्र ठाकुर ने मनपा आयुक्त अनिल कुमार पवार को फटकार भी लगाया था, इसके बाद भी सही तरीके से मनपा के विभागीय अधिकारी काम करने में फेल हैं। अब देखना यह कि शहर में सड़क दुर्दशा से होने वाली समस्याओं से जनता को कब निजात मिलेगा ऐसा सवाल नागरिकों में बना है।

